मांग : गलत तरीके से वसूले चार्जेज रिफंड करें: शहर के ट्रांसपोर्टर्स और वाहन मालिकों का कहना है कि अगर समस्या तुरंत नहीं सुलझाई गई, तो आर्थिक नुकसान बढ़ता जाएगा। तकनीकी खामी होने के बावजूद हर रोज हजारों रुपये की अतिरिक्त वसूली सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। जनता की मांग है कि या तो सॉफ्टवेयर तुरंत दुरुस्त किया जाए, या फिर गलत तरीके से वसूले गए सभी चार्जेज को रिफंड किया जाए। भास्कर न्यूज |लुधियाना आरटीए विभाग में पिछले दो महीने से सर्वर और सॉफ्टवेयर की गड़बड़ियों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कभी सर्वर बंद, कभी सॉफ्टवेयर क्रैश और सबसे बड़ी समस्या डबल चार्जेज। ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाने के बजाय विभाग का सिस्टम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। सरकार ने आरटीए दफ्तरों पर ताले तो लगा दिए, लेकिन सेवा केंद्रों को अभी तक पूरी ट्रेनिंग नहीं दी गई। इसका सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिली, जब परमिट फीस में सॉफ्टवेयर ने 5000 अतिरिक्त चार्ज जोड़ दिया। दो महीने से चल रही इस तकनीकी खामी के चलते आम जनता मजबूरी में अतिरिक्त रकम जमा कराने पर विवश है। ऑनलाइन सुविधा का उद्देश्य लोगों को राहत देना था, लेकिन उल्टा जनता को ज्यादा पैसे और ज्यादा चक्कर दोनों काटने पड़ रहे हैं। ट्रांसपोर्टर मंजीत सिंह ने बताया कि उनका ट्रक दूसरे राज्य में फंसा हुआ था और उसका परमिट खत्म हो चुका था। जब उन्होंने ऑनलाइन फीस जमा करनी चाही, जो कुल 1350 थी, तो सिस्टम ने उनसे 6770 वसूल लिए। इसमें 5000 रुपये एक्स्ट्रा सॉफ्टवेयर चार्ज और ऊपर से 420 जुर्माना जोड़ दिया गया। मंजीत के मुताबिक गलती सरकार के सॉफ्टवेयर की है, लेकिन भुगतना हमें पड़ रहा है। इसी तरह राजीव कुमार ने बताया कि उनकी बस का परमिट रिन्यूअल ऑनलाइन करते समय भी 5000 अतिरिक्त फीस और ऊपर से पेनल्टी देनी पड़ी। उनका कहना है कि पहले ही कारोबार मंदा चल रहा है, और ऐसे में हर परमिट पर हजारों रुपये ज्यादा भरना नुकसानदेह है। {सेवा केंद्र के कर्मचारी नहीं समझ पा रहे समस्या: लोगों का आरोप है कि आरटीए विभाग की जिम्मेदारियों को सेवा केंद्रों की ओर शिफ्ट तो कर दिया गया, लेकिन बिना प्रॉपर ट्रेनिंग और बिना तकनीकी सपोर्ट के। नतीजा सेवा केंद्र कर्मचारी न तो समस्या समझ पा रहे हैं, न समाधान कर पा रहे हैं। जब इस संबंध में परमिट अधिकारी अमनदीप सिंह से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि सॉफ्टवेयर में दिक्कत है, शिकायत सरकार को भेज दी है, थोड़ा समय लगेगा। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि कई लोग परमिट न बनने के कारण वापस लौट रहे हैं, तो उन्होंने साफ कहा सर्वर बंद पड़ा है, इसलिए परेशानी आ रही है।