भास्कर न्यूज | अमृतसर मजीठा रोड पर नाथ कलां इलाके में एक फैक्टरी के अंदर कमरे में गंदगी फैलाने का आरोप लगाकर जेसीबी ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर मजदूरों को डंडों से पीट दिया। बेरहमी से पीटते हुए मजदूरों के हाथ-पैर तक तोड़ दिए । करीब 8 गंभीर घायल मजदूरों जीएनडीएच में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घायल मजदूर संजीव प्रसाद ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने परिसर में ही मजदूरों के रहने की व्यवस्था कर रखी है। कुछ दिनों के लिए अस्थायी काम कराने के लिए फैक्टरी मालिक ने एक जेसीबी मंगवाई थी और उसके ड्राइवर को भी वहीं एक कमरा दिया था। सोमवार रात को जब जेसीबी ड्राइवर अपने कमरे में पहुंचा तो उसने पाया कि कमरे में किसी ने गंदगी फैला दी है। संजीव प्रसाद ने बताया कि हो सकता है कि कोई कुत्ता अंदर घुस आया हो, जिसने गंदगी की हो। लेकिन इसके बावजूद जेसीबी के ड्राइवर ने बिना किसी प्रमाण के उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। बात जल्द ही बहस में बदल गई और ड्राइवर मजदूरों के साथ अभद्र भाषा में बात करने लगा। मामला शांत होने के बजाय तेजी से बिगड़ गया। कुछ देर बाद ड्राइवर फैक्टरी के बाहर से लगभग 15-20 लड़कों को साथ लेकर आया और आते ही मजदूरों पर लाठियों और डंडों से हमला कर दिया। कई मजदूरों के सिर, बाजू और पैरों में गंभीर चोटें आईं। हमले में उनके अलावा मोहम्मद जिया उल, बसंत कुमार, अहमद, इरशाद, सियाज, दिलखोश और मोहम्मद रियाजु घायल हो गए हैं। जबकि झगड़े के दौरान जेसीबी चालक मंगू को भी मामूली चोटें आई हैं। वहीं घायल मोहम्मद रियाजुल का कहना है कि हमलावर सभी मजदूरों को मिली दिहाड़ी के पैसे और मोबाइल फोन छीनकर ले गए। परिवारों का पेट भरने के लिए हजारों किलोमीटर दूर से अमृतसर आए हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उधर, घटना की सूचना मिलते ही थाना मजीठा रोड पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली गई है, जिसके आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। हमलावरों को जल्द काबू किया जाएगा। जीएनडीएच में इलाज के लिए पहुंचे घायल मजदूर।
