मुख्यमंत्री ने ली बैठक जयपुर| प्रदेश में खाद को लेकर सरकार ने हर जिले में मॉनिटरिंग शुरु कर दी है। खाद वितरण के लिए टोकन सिस्टम व लाइन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को डीएपी व यूरिया खाद की उपलब्धता की नियमित जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में खाद का डायवर्जन रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए है। प्रदेश में डीएपी व यूरिया खाद की मॉनिटरिंग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास व कृषि, सहकारिता सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस बार अच्छी वर्षा होने से किसानों ने रबी फसलों की अग्रिम बुवाई की है। कालाबाजारी पर 11,634 औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री की बैठक में कृषि विभाग ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से अब तक उर्वरक कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर एक्शन मोड में काम किया गया है। विभाग ने 11,634 औचक निरीक्षण किया। कालाबाजारी में 589 कारण बताओ नोटिस दिए है। इसके साथ ही 77 लाइसेंस निलंबित/रद्द किए और 47 एफआईआर दर्ज हुई है। अवैध भंडारण में 30 नोटिस, 24 लाइसेंस कार्रवाई, 27 एफआईआर दर्ज हुई है। अमानक गुणवत्ता और उर्वरक डायवर्जन पर भी कार्यवाही की गई। इसलिए सभी जिलों में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की नियमित जानकारी दी जाए तथा विश्वास दिलाया जाए कि उन्हें सरकार समय पर पर्याप्त उर्वरक की आपूर्ति करेगी। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने खाद को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस वर्ष 26 नवम्बर तक गत वर्ष की तुलना में 9 लाख हैक्टेयर अधिक क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है। वहीं तिलहनी फसलों में 34 लाख हैक्टेयर एवं खाद्यान्न फसलों में 29 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रथम सिंचाई के साथ यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी की जा रही है। पिछले 2 वर्षों में डीएपी की औसत आपूर्ति 2.53 लाख मैट्रिक टन करायी जा चुकी है।