जयपुर | पिंकसिटी के निशानेबाज यशवर्धन ने गुरुवार को स्वर्णिम निशाना साधा। मणिपाल यूनिवर्सिटी, राजस्थान के स्टूडेंट यशवर्धन ने 252.7 सटीक निशाने लगाते हुए यह उपलब्धि हासिल की। शूटिंग में राजस्थान का यह पहला गोल्ड है। यशवर्धन और केएलईएफ यूनिवर्सिटी के सिल्वर मेडलिस्ट मद्दीनेनी उमा महेश पूरे फाइनल में बराबरी पर थे, लेकिन फाइनल सीरीज के पहले शॉट में 10.8 के स्कोर ने यशवर्धन को गोल्ड दिलाया। महेश इस शॉट में 9.9 पर ही निशाना लगा पाए। 2015 में पिता की जयपुर में पोस्टिंग थी तभी शुरू की शूटिंग यशवर्धन के पिता आर्मी में थे। 2015 में उनकी जयपुर में पोस्टिंग थे। उन्हें आर्मी की शूटिंग रेंज को रिनोवेट करना था। उस समय समर कैंप लगा और यहीं से शुरू हुई यशवर्धन की शूटिंग की क्लास। शुरुआती कोच थे डॉ. करण सिंह चौहान। छह महीने की ट्रेनिंग के बाद ही 12 साल के यशवर्धन ने नेशनल में हिस्सा लेने शुरू कर दिया। यशवर्धन नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर भी मेडल जीत चुके हैं। यूनिवर्सिटी से मिलता है पूरा सपोर्ट: यशवर्धन कहते हैं, मैं पिछले 4 साल से मणिपाल यूनिवर्सिटी में हूं। बीच में एक साल ब्रेक लिया था। उस समय राइफल मालफंक्शनिंग को लेकर काफी परेशान था। ये कोविड के बाद का टाइम था। खुद कंपनी ने भी माना था कि राइफल में दिक्कत है। उस दौरान एंकल में भी परेशानी थी। इसके बाद मुझे स्पेन और जर्मन कंपनी से काफी सपोर्ट मिला और मेरा प्रदर्शन सुधरता चला गया। मैं दिल्ली रहता हूं और कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पर प्रैक्टिस करता हूं। लेकिन मणिपाल यूनिवर्सिटी से मुझे पूरी तरह से वित्तीय और एकेडमिक सपोर्ट मिलता है। खुशी है कि मैं यूनिवर्सिटी के लिए गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहा।
