हेल्थ रिपोर्टर | उदयपुर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हाल ही में हुई आगजनी के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में व्यापक सुरक्षा निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, फायर सेफ्टी और संरचनात्मक मजबूती से जुड़ी 49 बिंदुओं की चेकलिस्ट के आधार पर जांच कर रही हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि जहां भी कमियां या जोखिम दिखें, उसका विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तुरंत सरकार को भेजा जाए। इसके आधार पर सभी मेडिकल कॉलेजों को सुधार संबंधी निर्देश जारी किए जाएंगे। जयपुर से आई निरीक्षण टीम ने उदयपुर स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज में दो दिन का निरीक्षण पूरा कर लिया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विपिन माथुर ने बताया कि निरीक्षण टीम ने पूरे परिसर का मूल्यांकन कर लिया है। अगली कार्रवाई सरकार के निर्देशों के बाद की जाएगी। 1. संरचनात्मक सुरक्षा : सुरक्षित बाउंड्री वॉल, मुख्य गेट व कैटल ट्रैप, प्रवेश–निकास की स्पष्ट पहचान, खिड़कियों पर ग्रिल, बालकनी व छत पर मजबूत रेलिंग, फफूंद/सीलन मुक्त भवन, क्रिटिकल केयर यूनिट का सुरक्षित स्थान, नॉन-स्लिप फर्श, ओटी–आईसीयू में बाहरी प्रवेश प्रतिबंधित, स्थाई संरचनाओं का उचित फिक्सेशन, आपातकालीन एस्केप प्लान, नियमित मॉक ड्रिल, लिफ्ट में ऑटोमेटिक रेस्क्यू सिस्टम आदि। 2. विद्युत सुरक्षा : नियमित विद्युत ऑडिट, वोल्टेज मॉनिटरिंग, सभी पैनलों पर कवर, टूटे/खुले पैनलों पर रोक, खतरनाक क्षेत्रों पर चेतावनी संकेत, क्रिटिकल वार्ड में 24×7 बिजली, ग्लो साइन फायर एग्जिट, अवरोध-मुक्त मार्ग और इवैक्यूएशन प्लान डिस्प्ले। 3. फायर सेफ्टी : फायर डिटेक्शन व अलार्म सिस्टम अनिवार्य, अपडेटेड फायर एनओसी, फायर टैंक की नियमित सफाई, फायर ऑडिट, एबीसी और CO₂ एक्सटिंग्विशर, एक्सपायरी ट्रैकिंग, स्टाफ प्रशिक्षण, स्मॉक एक्स्ट्रेक्शन सिस्टम, आईसीयू–इमरजेंसी में बैटरी बैकअप लाइट, सुरक्षित एमसीबी बोर्ड और नियमित हाइड्रेंट टेस्टिंग। 4. सुरक्षा एवं प्रवेश नियंत्रण : विजिटर पास सिस्टम, भीड़ प्रबंधन, स्टाफ आईडी, पर्याप्त सुरक्षा गार्ड, रात्रि ड्यूटी में महिला स्टाफ की सुरक्षित पोस्टिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम अनिवार्य। 5. प्रकाश व्यवस्था : मरीज क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी, एलईडी/सोलर लाइट सिस्टम, खराब या ब्लिंकिंग लाइटें बदलना। 6. जल एवं स्वच्छता : 24×7 पानी की उपलब्धता, स्वच्छ वॉशरूम और आरओ पेयजल की व्यवस्था।