फकीरपुरा गांव में सोमवार को एक किसान मुआवजे की मांग को लेकर हाईटेंशन लाइन के टॉवर पर चढ़ गया। किसान बनवारीलाल दोपहर करीब 12 बजे जमीन और फसल के नुकसान के उचित मुआवजे की मांग को लेकर टॉवर पर चढ़ा था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, बिजली कंपनी के अधिकारी और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंच गई। लगभग सात घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान किसान अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करता रहा। इस दौरान माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब किसान के परिजन भी भावनात्मक होकर टॉवर पर चढ़ने का प्रयास करने लगे। इनमें उसकी भाभी भी शामिल थीं, जिन्होंने कहा कि जब प्रशासन कोई नतीजा नहीं दे रहा तो वह भी टॉवर पर चढ़ जाएंगी। महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण पुलिस के सामने स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई, हालांकि काफी समझाइश के बाद परिजनों को नीचे रोका गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए और पूरे मामले पर नजर बनाए रखी। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसान से लगातार बातचीत की। सिविल डिफेंस टीम ने किसान को सुरक्षित उतारने की योजना तैयार की। कई दौर की बातचीत के बाद अंततः मुआवजे से संबंधित मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद किसान नीचे उतरने के लिए तैयार हो गया। शाम तक सिविल डिफेंस और पुलिस टीम की देखरेख में किसान बनवारीलाल को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान धोद के पूर्व विधायक पेमाराम, भगीरथ नेतड़, रामरतन बगड़िया, अशोक ढाका, सरपंच झाबर ओला, उदाराम थ्योरी, उस्मान खान, सुभाष जाखड़, सुरेश बगड़िया, माधुराम, बलबीर, गोपाल, सुरेश, महीपाल, दयाल, निवास, जगदीश सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
