डीडवाना- कुचामन जिले में शनिवार को 101 ट्रैक्टरों के काफिले में निकली बारात ने सभी को चौंका दिया। बारातियों ने ट्रैक्टरों पर करीब 11 किलोमीटर का सफर पूरा किया और शादी के समारोह में पहुंचें। दूल्हे के ताऊ बुद्धाराम डोडवाड़ी ने बताया- हिरानी निवासी किसान दयाल राम डोडवाडिया के बेटे महेंद्र(22) की शादी भैरूपुरा गांव निवासी सुमन के साथ शनिवार (22 नवंबर) को हुई। दूल्हा महेंद्र खुद सजे-धजे ट्रैक्टर पर सवार होकर बारात के काफिले में सबसे आगे चल रहा था। एक किलोमीटर से अधिक लंबा 101 ट्रैक्टरों का यह काफिला करीब 11 किलोमीटर दूर भैरूपुरा गांव स्थित दुल्हन के घर पहुंचा। इस दौरान बारात को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। दूल्हे महेंद्र ने बताया- किसान परिवार से हूं और ट्रैक्टर किसान की पहचान है, इसीलिए 101 ट्रैक्टरों पर बारात निकाली गई। पहले देखिए- बारात की PHOTOS पिता बोले- हमारी पहचान ट्रैक्टर, इसलिए किसानों के साथ ट्रैक्टर पर पहुंचें
दूल्हे के पिता और किसान दयाल राम डोडवाडिया ने बताया- हम खेती-बाड़ी का काम करते हैं और धरती पुत्र किसानों की पहचान ट्रैक्टर ही है। ट्रैक्टरों पर बारात ले जाने का मकसद था कि हम हमारे किसान साथियों को साथ लेकर जाएं, इसीलिए सभी किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ बारात में शामिल हुए। दूल्हा महेंद्र फिलहाल बीएड कर रहा है। जबकि दुल्हन सुमन ने 10वीं तक की शिक्षा हासिल की हुई है। शादी के आमंत्रण देते वक्त ट्रैक्टर का लाने का निवेदन
डोडवाड़ीया परिवार पूरी तरह से खेती से जुड़ा है। परिवार के हर सदस्य के पास एक से दो ट्रैक्टर हैं। इस दौरान सभी को विवाह आमंत्रण के साथ ही शादी में ट्रैक्टर लेकर चलने को कहा गया था। साथ ही जिन रिश्तेदारों के पास ट्रैक्टर थे, उनको भी ट्रैक्टर से बारात निकालने की बात कही गई थी। चचेरे भाई और ताऊ का आइडिया सभी को पसंद आया
पूरी बारात ट्रैक्टरों पर ही निकाली गई। यहां तक कि खुद दूल्हा भी सजे धजे ट्रैक्टर पर ही सवार होकर दुल्हनिया को लेने गया था। यहां तक कि महिलाएं भी ट्रैक्टरों पर सवार नजर आई। बारात में 450 बाराती शामिल हुए। साथ ही रिश्तेदारों में कुछ महिलाओं के लिए अलग से 10 से 12 अन्य गाड़ियों से आने- जाने की भी व्यवस्था की गई थी। ट्रैक्टरों से बारात ले जाने का यह आइडिया दूल्हे के चचेरे भाई कमलकांत और ताऊ बुधाराम का था। भतीजे और बड़े भाई की बात पर दूल्हे के पिता दयालराम राजी हो गए। कमलकांत भाजपा में चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष हैं जबकि ताऊ बुधाराम पेशे से सरकारी शिक्षक हैं।
