गर्मी के सीजन में खेतों और सड़कों पर आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला फाजिल्का के गांव चाहलावाली का है, जहां तूड़ी से भरा एक ट्रैक्टर-ट्राला हाई वोल्टेज बिजली की तारों की चपेट में आने से धू-धू कर जल उठा। हालांकि, एक राहगीर की सतर्कता से जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया। जानकारी के अनुसार, तूड़ी से लदा यह ट्राला गांव ख्योवाला से चाहलावाली की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्राला गांव के पुल के पास पहुंचा, ऊपर से गुजर रही 8 घंटे वाली हाई वोल्टेज बिजली की तारें तूड़ी के ढेर से छू गईं। चिंगारी निकलते ही सूखे चारे (तूड़ी) ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते लपटें आसमान छूने लगीं। पूर्व सरपंच ने दिखाई बहादुरी और सूझबूझ हादसे के वक्त गांव ख्योवाली के पूर्व सरपंच गुरपाल सिंह अपनी कार से ट्राले के पीछे ही चल रहे थे। उन्होंने ट्राले से उठती लपटें देखीं और तुरंत अपनी कार आगे ले जाकर चालक को इसकी जानकारी दी। समय रहते चालक ने ट्रैक्टर रोक दिया और फुर्ती दिखाते हुए ट्रैक्टर को ट्राले से अलग कर दिया, जिससे ट्रैक्टर को जलने से बचा लिया गया। ग्रामीणों की कोशिश और फायर ब्रिगेड का एक्शन आग की सूचना मिलते ही गांव चाहलावाली में लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट करवाई गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। गांव चाहलावाली के पूर्व सरपंच विनोद कुमार ने बताया कि पहले ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी के टैंकर लाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। भारी माली नुकसान, पर सुरक्षित रही जान इस भीषण अग्निकांड में ट्राले के टायर और ढांचा पूरी तरह जलकर राख हो गया है, जिससे मालिक को भारी आर्थिक नुकसान (माली नुकसान) उठाना पड़ा है। गनीमत यह रही कि ट्रैक्टर को समय पर अलग कर लिया गया और चालक समेत कोई भी व्यक्ति आग की चपेट में नहीं आया, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।