टोंक में करंट लगने से दो भाइयों की मौत हो गई। दोनों रविवार सुबह करीब 6 बजे नहर के रास्ते से खेत पर जा रहे थे। रास्ते में बिजली के टूटे तार पड़े थे। पैर तार पर टच होने से उन्हें करंट लग गया। उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। हादसा पीपलू थाना इलाके के बलखंडिया गांव में हुआ। हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोग दोनों शव हादसा स्थल पर ही रखकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को मुआवजा, आश्रितों को संविदा पर नौकरी और अन्य मांगों पर अड़ गए। शाम 4 बजे परिजनों और प्रशासन से बीच सहमति बन गई। बिजली निगम ने 1 महीने में मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपए की सहायता देने की बात कही। मृतकों के 1-1 आश्रित को संविदा नौकरी दिलाने के आश्वासन पर शव उठाने पर सहमति बनी। उसके बाद मौके पर ही पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। नहर में बिजली के टूटे तार पड़े थे
पीपलू थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया- हादसे में रामनारायण (35) और हरलाल (26) पुत्र मंगला बलाई की मौत हो गई। सूचना के बाद सुबह करीब 7 बजे पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। पीपलू SDM गणराज बड़गोती, बिजली निगम के SE के एल पटेल, XEN मोहर सिंह मीणा, पीपलू डीएसपी अरविंद, नायब तहसीलदार प्रभुलाल, झिराना थाना प्रभारी हरिमन भी मौके और लोगों से बात की। पुलिस टीम पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को हॉस्पिटल ले जाने लगी, लेकिन लोगों ने उन्हें रोक दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली निगम की लापरवाही से इस बिजली लाइन के तार टूटे पड़े थे। इसी कारण यह हादसा हुआ। दोनों भाई सुबह खेत पर जा रहे थे
मृतक के बड़े भाई बजरंग और किशोर कुमार ने बताया- रामनारायण और हरलाल आज सुबह करीब 6 बजे खेत पर जा रहे थे। वे भोपता नाले पर बनी नहर से होकर गुजर रहे थे। पानी नहीं होने से लोग अपने खेतों में जाने के लिए इसी नहर का इस्तेमाल करते हैं। इस नहर के ऊपर से एग्रीकल्चर की बिजली लाइन गुजर रही है। इसके तीनों तार टूटे पड़े थे। वहां से गुजरते समय दोनों भाई तारों के टच हो गए और करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहां से गुजर रहे किसानों को पता लगा तो उन्होंने सूचना दी। एक भाई की पत्नी दिव्यांग
रामनारायण की पत्नी दिव्यांग है। उसके एक बेटा और एक बेटी है। वहीं हरलाल के 3 बेटी है। दोनों भाई खेती करते थे। 2023 में राजस्थान में करंट से 1,749 मौत
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में बीते एक दशक में करंट लगने से होने वाली दुर्घटनाओं में 98 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2013 में जहां ऐसे 889 मामले सामने आए थे, वहीं 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,757 तक पहुंच गया। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में राज्य में करंट से मौत के 1,749 मामले दर्ज किए गए, यानी लगभग हर केस में मौत हुई। सबसे अधिक हादसे ग्रामीण इलाकों में दर्ज किए गए, जहां बिजली के तार और ट्रांसफॉर्मर सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इनपुट: रामकल्याण सैनी, पीपलू। ……………… यह खबर भी पढ़ें… जयपुर- हाईटेंशन लाइन से बस में आग, सिलेंडर में ब्लास्ट:2 की मौत, 10 से ज्यादा झुलसे; चश्मदीद बोले- ड्राइवर-कंडक्टर जिम्मेदार जयपुर में एक बस हाईटेंशन लाइन से टकरा गई। बस में करंट आ गया, जिसके बाद आग लग गई। हादसे में उत्तर प्रदेश के रहने वाले 2 लोगों की मौत हो गई, 10 मजदूर झुलस गए। बस के ऊपर सिलेंडर भी थे, जिनमें से एक में विस्फोट हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)