बेटे की याद में पूरी रात भाभी बिलखती रहती हैं। काेई भी व्यक्ति उनके पास जाता है तो वो अपने बेटे को लाने की गुहार करती हैं। घर में 22 दिनों से खाना नहीं बना है। पड़ोसियों के यहां से खाना आता है, वो भी गले से नीचे नहीं उतरता है। यह बात कहते हुए अजीत के चाचा राधेश्याम चौधरी की आंखें भर आईं। अलवर के कफनवाड़ा गांव निवासी अजीत चौधरी की रूस में मौत हो गई है। 6 नवंबर को उनका शव मिला। शव रूस से भारत आने में देरी होने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बहन बार-बार अजीत को देखने की बात कह रही हैं। रोते-रोते दोनों के आंसू सूख चुके हैं। राधेश्याम ने कहा- अजीत के आने की उम्मीद में उसकी मां और बहन को पहले थोड़ी बहुत नींद आ जाती थी। लेकिन अब अजीत का शव मिलने के बाद तो उनकी नींद भी गायब हो गई है। बेटे की याद में पूरी रात मां बिलखती रहती है। अजीत का शव मिले 4 दिन बीत चुका है। अभी तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है। परिजनों ने कहा- रूस में भारतीय दूतावास के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे कि बेटे का शव कब तक भारत भेजेंगे। 19 अक्टूबर को लापता हुआ था अजीत
अलवर के कफनवाड़ा गांव के रहने वाला रूपसिंह चौधरी का बेटा अजीत चौधरी रूस के ऊफा शहर में बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Bashkir State Medical University) से वर्ष 2023 में MBBS की पढ़ाई करने गया था। वह थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। 19 अक्टूबर को अजीत लापता हो गया था। वहीं 20 अक्टूबर को रूस में कॉलेज कैंपस से कुछ दूर नदी के किनारे उसके कपड़े मिले थे। इस आधार पर माना जा रहा था कि अजीत नदी में बह गया होगा। तब से लगातार सर्च अभियान चल रहा था। 6 नवंबर को बांध में शव मिला। शव की पहचान यूनिवर्सिटी के दूसरे छात्रों ने की। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराकर भारत लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। डियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से खर्च राशि दिलाने का प्रयास
अजीत के परिजनों ने न्यूयॉर्क में बैठे नॉर्थ अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी को शव लाने के लिए अधिकृत किया है। स्टाम्प पेपर पर लिखकर दिया है कि बेटे अजीत चौधरी का शव उनकी निगरानी में लेकर आया जाए। वहीं प्रेम भंडारी भी युवक अजीत के शव को भारत पहुंचाने के लिए दिन-रात दूतावास व रूस की पुलिस के संपर्क में हैं। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने बताया- इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से छात्र अजीत का शव रूस से भारत पहुंचाने में होने वाले करीब 6 लाख रुपए की राशि दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ये फंड हिंदुस्तानियों के लिए होता है, जैसे विदेश में रहते समय कोई जेल चला जाए, कोई बीमार हो जाए, या मृत्यु होने पर उनके शव पहुंचाने में काम लिया जाता है। उसके पीछे शर्त होती है कि वह परिवार गरीब हो। इमरजेंसी में भारतीय नागरिक के लिए फंड काम लिया जाता है। इस फंड से ही रूस में मृत मिले छात्र अजीत का शव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका मदद करेगा
प्रेम भंडारी ने बताया- कम्युनिटी वेलफेयर फंड दिलाने में कोई दिक्कत आती है तो राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका मदद करेगा। भंडारी ने कहा- वे भारतीय दूतावास के संपर्क में शुरू से हैं। परिवार ने पहले मुझसे संपर्क किया। अब अजीत का शव भिजवाने के लिए मुझे अधिकृत किया है। भंडारी ने कहा- पोस्टमॉर्टम का वीडियो भी बनवाने का प्रयास किया है। कहीं संशय है तो जांच कराएंगे। एक छात्र ने उसे धमकी दी थी। जो फोटो में हथियार सहित दिखा है। पहली प्राथमिकता है कि शव को सम्मान के साथ राजस्थान के अलवर में भिजवाया जाए। इसके बाद अन्य संशय पर जांच कराएंगे। ताकि परिवार को न्याय मिल सके। ये खबरें भी पढ़िए- रूस में अलवर के MBBS छात्र की लाश मिली:19 दिनों से लापता था; घरवालों ने 3 बीघा जमीन बेचकर पढ़ने भेजा था MBBS स्टूडेंट को रूस में मिली थी धमकी,फिर मौत:शव कल तक भारत लाने की संभावना, प्रेम भंडारी कर रहे परिवार की मदद
MBBS करने रूस गया अलवर का युवक लापता:परिवार ने जमीन बेचकर भेजा था, नदी किनारे जैकेट और मोबाइल मिला अलवर का युवक 11 दिन से रूस में लापता:1500 किलोमीटर लंबी नदी के किनारे कपड़े मिले थे, विदेश राज्य मंत्री ने दूतावास में फोन पर बात की मां-बहन ने 5 दिन से खाना नहीं खाया,रो-रोकर बुरा हाल:MBBS करने रूस गया युवक पांच दिन से लापता, बहन बोली-मंत्री का बेटा होता तो मिल जाता