पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान के तहत होशियारपुर जिले के महिलपुर वन विभाग में तैनात एक वन कर्मचारी सुरिंदरजीत पाल को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उनकी गाड़ी में रखे दरखत काटने वाले औजार अपने साथ ले गया। उनकों माहिलपुर दफ्तर मिलने के लिए बुलाया था। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने गढ़शंकर तहसील के गांव थिडा निवासी एक लकड़ी व्यापारी से औजार वापस करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले 10-12 वर्षों से कानूनी रूप से लकड़ी की कटाई का काम करता है। 11 अक्तूबर को वह अपने साथी गुरविंदर सिंह उर्फ गोनी के साथ काम खत्म कर गांव लौटा था। घर पहुंचने के बाद उसकी गाड़ी में रखे पेड़ काटने के औजार गायब मिले। गांव सरपंच ने बताया अमरजीत सिंह उनके औजार लेकर चला गया गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह ने बताया कि महिलपुर के रेंज अधिकारी अमरजीत सिंह तीन-चार कर्मचारियों के साथ सरकारी वाहन में आए थे और औजार जब्त कर लिए। इसके बाद शिकायतकर्ता जब सरपंच के साथ वन विभाग कार्यालय पहुंचा तो रेंज अफसर ने उस पर सरकारी पेड़ चोरी करने का आरोप लगाते हुए ₹1.23 लाख का जुर्माना भरने को कहा। औज़ार वापस करने के लिए 31हजार की रिश्वत मांगी शिकायतकर्ता के इनकार करने पर रेंज अफसर ने जब्त औज़ार वापस करने के लिए ₹31,000 की रिश्वत मांगी और ₹2,000 की पहली किस्त फॉरेस्टर सुरिंदरजीत पाल को देने को कहा। इसके बाद आरोपी ने और ₹10,000 की मांग की और ₹15,000 की बाकी रकम 29 अक्तूबर को देने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने बातचीत रिकॉर्ड कर विजिलेंस को सबूत सौंप दिए। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथों पकड़ा विजिलेंस की जालंधर रेंज टीम ने छापा मारकर सुरिंदरजीत पाल को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से ₹15,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रेंज अधिकारी अमरजीत सिंह समेत दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।
