राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव ने निकाय चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। जयपुर जिले में पहले चरण में 9 सितंबर को 2 नगर परिषद और 16 नगर पालिकाओं के लिए वोटिंग होगी। 11 सितंबर को जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड के पार्षद के लिए मतदान होगा। सभी का चुनाव परिणाम 14 सितंबर को आएगा। वहीं मेयर का चुनाव 21 सितंबर को होगा। उप महापौर का चुनाव 22 सितंबर को होगा। पार्षद जनता के वोट से चुने जाएंगे, जबकि मेयर–डिप्टी मेयर के लिए पार्षदों के बीच वोटिंग होगी। मेयर और डिप्टी मेयर का रिजल्ट वोटिंग के दिन ही घोषित हो जाएगा। राजस्थान में सबसे ज्यादा 24 लाख वोटर जयपुर शहर के अगले मेयर के लिए वोट देंगे।
पार्षदों के लिए मतदान का समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक रहेगा। वहीं मेयर और डिप्टी मेयर के लिए वोटिंग समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। आचार संहिता लागू
जयपुर की 19 निकायों की चुनाव तारीखों का ऐलान हो गया है। इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। बता दें कि जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्ड में से ओबीसी के लिए 30, एससी के लिए 20, एसटी के लिए 6 और अनारक्षित ओपन 63 और अनारक्षित महिला के लिए 31 वार्ड रिजर्व किए गए हैं। कुल 150 वार्ड में 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। मेयर पद सामान्य ओपन होने से अब भाजपा और कांग्रेस में दावेदारों की दौड़ तेज होगी। 150 वार्डों में 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि ओबीसी के 30, एससी के 20 और एसटी के 6 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। जयपुर का राजनीतिक इतिहास भी बताता है कि मेयर की कुर्सी कई नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता बनी है। ऐसे में इस बार मेयर की दौड़ सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं, बल्कि नेताओं के राजनीतिक भविष्य से भी जुड़ी नजर आ रही है। जयपुर के 150 वार्डों की लिस्ट…
अब जानिए- जयपुर नगर निगम में ये रहेगी स्थिति 1994 में शुरू हुआ सिलसिला, बीजेपी के कई चेहरे बने मेयर: कांग्रेस को प्रत्यक्ष चुनाव में मिली थी एक बार सफलता: अब जयपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य ओपन
निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी के बाद जयपुर नगर निगम के मेयर पद की तस्वीर भी साफ हो गई है। जयपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य ओपन कैटेगरी के लिए रखा गया है। इससे अब सामान्य वर्ग के दावेदारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के भीतर मेयर पद को लेकर नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं। जयपुर की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं की नजरें भी इस पद पर हैं। अब मेयर पद के दावेदारों की नजर चुनाव पर जयपुर नगर निगम के मेयर पद के सामान्य ओपन होने के बाद अब राजनीतिक दलों के भीतर संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा तेज होगी। वार्डों का आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और साफ होगी। जयपुर का इतिहास बताता है कि यहां का मेयर पद कई नेताओं के राजनीतिक करियर को नई ऊंचाई दे चुका है। ऐसे में इस बार भी सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि जयपुर का अगला मेयर कौन बनेगा।
