बाड़मेर में एग्रीकल्चर लाइट कनेक्शन नहीं होने से परेशान किसान ने डिस्कॉम ऑफिस में पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह करने का प्रयास किया। वहां उपस्थित कर्मचारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। युवक को पकड़कर ले गई। किसान का आरोप है कि बीते 3 साल से कृषि कनेक्शन नहीं हो रहा है। 3 माह से शिव और बाड़मेर डिस्कॉम के चक्कर निकाल रहा हूं। कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। परेशान होकर यह कदम उठाना पड़ा। दरअसल, शिव तहसील के आंतरा निवासी किसान गोसाईराम पुत्र पदमाराम मंगलवार को बाड़मेर डिस्कॉम ऑफिस पहुंचा। वहां पर एसई से मुलाकात की। इसके बाद चैंबर से बाहर आकर युवक ने पेट्रोल से भरी बोतल अपने ऊपर डाल दी। वहां पर खड़े कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। वहीं बोतल को छीन लिया। इसके डिस्कॉम ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। एएसआई राणाराम मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। युवक को पकड़कर कोतवाली पुलिस लेकर गए। इधर डिस्कॉम के एसई का कहना है कि हमारे पास पहली बार आया, हमने उसको यही कहा कि लिखित में लिखकर दे दीजिए। लेकिन वह अनुचित दबाव बना रहा था। 3 साल से लाइट कनेक्शन नहीं हो रहा किसान गोसाईराम का कहना है कि- शिव तहसील आंतरा गांव में कृषि कनेक्शन के लिए 3 साल पहले लाइट फॉर्म भरकर डिमांड जमा करवाया था। बार-बार शिव से लेकर बाड़मेर तक मैने डिस्कॉम ऑफिस के चक्कर निकाल दिए, लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। मेरे पास किसी नेता की सिफारिश नहीं है। आज भी डिस्कॉम के अधिकारियों से मिला, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस वजह से मैंने यह कदम उठाया। घर पर जाता हूं तो घर वाले कहते है कि एक काम नहीं होता है, फिर तू क्या काम का है। अफसर बोले- गुस्से में आकर पेपर फाड़े, फिर छिड़का पेट्रोल डिस्कॉम एसई अशोक मीणा ने बताया- गोसाईराम का एक युवक था जो मेरे पास आया था। कृषि कनेक्शन के संबंध में मिला था। इस तरीके से बात करने लगा कि मेरे पेपर है उस पर हस्ताक्षर करों। अनुचित दबाव बनाने की कोशिश की। मैंने उससे शिकायत को लेकर जानना चाहा तो पेपर आपके पास आया हुआ है आप हस्ताक्षर करो। मैंने उनको कहा कि आपकी कोई शिकायत हो तो आप लिखित में दो हम उसकी जांच कर लेंगे। हमने उसको पेपर दिया। उसने सुना नहीं और आवेश में आकर पेपर फाड़ दिया। बाहर चला गया और थोड़ी देर बाद पेट्रोल छिड़क दिया। एसई बोले- वरियता के अनुसार दे रहे कनेक्शन एसई ने कहा कि साल 2012 से पिछली सरकार ने जो डिमांड जारी किए थे। उसके रुपए भी जमा कर लिए थे। उसमें 90 दिन का समय होता है अगर डिमांड जमा नहीं करवाने पर एक्सापायर हो जाता है। लोगों ने रुपए भर दिए। इसमें जैसे कनेक्शन है साल 2012 से लगातार प्रायोरिटी के हिसाब से कर रहे है। अभी हम शिव में साल 2017 के कनेक्शन कर रहे है। लगातार करते आ रहे है। अभी जिले में हमारी 5 हजार की पेडिंग है। हम वरियता के अनुसार कृषि में कनेक्शन किए जाते है। इनका कनेक्शन भी वरियता के अनुसार किया जाएगा।
