उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर-14 स्थित दूध डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली घी बनाने का भंडाफोड़ करते हुए छापा मारा। टीम ने डेयरी संचालक को एसेंस और वनस्पति तेल से घी बनाते हुए पकड़ा। कार्रवाई के दौरान 30 किलो संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। टीम ने जांच के लिए नमूने भी लिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान अपनी टीम के साथ सविना क्षेत्र में रोशनजी की बाड़ी स्थित मातेश्वरी दूध डेयरी एवं जनरल स्टोर पर संदिग्ध घी बनाकर बेचने की सूचना मिलने पर पहुंचे। डेयरी पर बनाया जा रहा था मिलावटी घी उन्होंने बताया कि डेयरी मालिक खेमराज डांगी के पास से 4 केन वेजिटेबल तेल और 3 केन एसेंस के पाए गए और इससे पीछे की तरफ मिलावटी घी बनाया जा रहा था। वहां पर 2 टीन (30 किलो) संदिग्ध घी भी पाया गया, जिसको सैंपल लेकर हाथों-हाथ नष्ट किया गया। सभी केन जब्त कर लिए गए और उपलब्ध घी का नमूना लिया, जिसकी जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच करवाई जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी चौहान ने बताया कि डेयरी संचालक एसेंस और वनस्पति तेल की मदद से नकली घी तैयार कर रहा था। टीम ने करीब 30 किलो नकली घी के दो टीन से नमूने लिए और पूरे घी को मौके पर ही नष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की आयुक्त टी. शुभ मंगला के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने कहा कि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ ने बताया कि सैंपल मिसब्रांड पाए जाने पर 3 लाख रुपए तक, सब स्टैण्डर्ड पाए जाने पर 5 लाख रुपए तक जुर्माने एवं अनसेफ पाए जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास और 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।