जोधपुर के पावटा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 20 जून को 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इस मामले में पहले ओटी की रिपोर्ट सामान्य आई थी। ऐसे में संदेह था कि दवाइयों से संक्रमण फैला हो। लेकिन, अब प्रसूताओं को दी गई मेडिसिन की रिपोर्ट भी सामान्य आई है। ऑक्सीटोक्सिन इंजेक्शन की रिपोर्ट में भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। अब एक्सपर्ट संक्रमण फैलने के कारणों के बारे में पता लगा रहे हैं। क्योंकि इन प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रसूताओं के भी सैंपल लिए गए थे। आशंका थी कि ओटी या फिर दवाइयों से संक्रमण फैला हो, लेकिन अब तक सभी रिपोर्ट सामान्य आई है। 29 मेडिसिन के सैंपल लिए थे, 24 की रिपोर्ट आई इस मामले के बाद 29 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 24 की रिपोर्ट सामान्य आई है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि रिपोर्ट आ गई है। बाकी मेडिसिन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कैथेटर, आईवी सेट, सूचर्स और कैनुला आदि की रिपोर्ट आना बाकी है। गौरतबल है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 में से 2 प्रसूताओं की हालत गंभीर हो गई थी। इन दोनों को पहले मथुरादास माथुर और फिर एम्स में एडमिट किया गया था। पावटा हॉस्पिटल में एडमिट 6 प्रसूताओं को सात दिन में छुट्टी दे दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद एम्स में भर्ती एक प्रसूता को डिस्चार्ज किया गया। वहीं दो दिन पहले एम्स में एडमिट एक और प्रसूता की तबीयत सही होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया था। इन मेडिसिन के सैंपल हुए पास प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के बाद सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन के उपयोग पर रोक लगाई थी। दावा था कि पहला बैच 20 जून से सात दिन पहले आया था और पहली बार इन 8 प्रसूताओं पर यूज किया गया था लेकिन इस रिपोर्ट में वह भी पास हो गया है। इसके अलावा हाइड्रोकार्टिसोन सोडियम सक्सिनेट इंजेक्शन,पोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन, वाटर फॉर इंजेक्शन, पिपरासिलिन और टैजोबैक्टम इंजेक्शन, ट्रैनेक्सामिक एसिड इंजेक्शन,डाइक्लोफेनाक सोडियम इंजेक्शन, मेटोक्लोप्रामाइड इंजेक्शन, रैनिटिडिन एचसीएल इंजेक्शन,बुपिवाकाइन हाइड्रोक्लोराइड,सेफ्ट्रिएक्सोन व मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन,मिथाइलरगोमेट्रिन इंजेक्शन,मिसोप्रोस्टोल टैबलेट समेत बाकी मेडिसिन की रिपोर्ट सामान्य आई है।