जैसलमेर का रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से बदल चुका है। केंद्र सरकार की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत लगभग 140 करोड़ रुपए की लागत से इसका नया रूप तैयार किया गया है। अब यह स्टेशन मॉडर्न सुविधाओं से लैस किया गया, साथ ही जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान भी बिल्डिंग में दिखाई देगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार, स्टेशन की नई तीन मंजिला इमारत को बनाने में यहां के प्रसिद्ध स्वर्णिम पीले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसका लुक महल जैसा नजर आए। यात्रियों के लिए 10 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर और एक शानदार रेल कोच रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। यह नया स्टेशन आने वाले पर्यटकों के लिए सफर को आसान बनाएगा और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगा। एयरपोर्ट जैसी मॉडर्न सुविधाएं मिलेगी
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया- पर्यटकों के पसंदीदा शहर जैसलमेर का नया रेलवे स्टेशन बनकर पूरी तरह तैयार है। इसे शहर की संस्कृति को ध्यान में रखकर बेहद खूबसूरत और भव्य बनाया गया है। इसके विशाल प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों को एक अलग ही अहसास कराएंगे। स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा का खास ख्याल रखा गया है। पूरे स्टेशन परिसर में 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर (चलती सीढ़ियां) लगाई गई हैं। इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ने के लिए 6 मीटर चौड़े दो नए पुल (फुट ओवरब्रिज) बनाए गए हैं। यात्रियों के बैठने के लिए एक बड़ा वेटिंग एरिया, आधुनिक लाउंज और तीनों प्लेटफॉर्मों पर 10 हजार वर्गमीटर से ज्यादा हिस्से में नया शेड लगाया गया है, जिससे यात्रियों को धूप या बारिश की परेशानी न हो। रेलवे को हर साल होगी 50 लाख की कमाई
जैसलमेर में हर साल लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। इसे देखते हुए स्टेशन पर कमाई के नए तरीके भी शुरू किए गए हैं। स्टेशन की खाली जमीनों और दुकानों को प्राइवेट कंपनियों को सौंप दिया गया है। यात्रियों के लिए ठहरने के कमरे (रिटायरिंग रूम), डॉरमेटरी, दुकानें और गाड़ियों के लिए बड़ी पार्किंग बनाई गई है। खास बात यह है कि यहां एक रेल कोच रेस्टोरेंट भी खोला गया है, जहां लोग ट्रेन के डिब्बे में बैठकर खाना खा सकेंगे। इन सभी सुविधाओं से रेलवे को टिकट के अलावा हर साल करीब 50 लाख रुपए की अलग से कमाई होगी। अब देखिए- मॉडर्न रेलवे स्टेशन की तस्वीरें