राजस्थान वन विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने उस वनपाल का भी ट्रांसफर कर दिया है, जिसने 3 महीने पहले आत्महत्या कर ली थी। विभाग ने शुक्रवार रात करीब 2 बजे 125 वनपालों (फॉरेस्टर) की ट्रांसफर लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में क्रम संख्या 101 पर मृतक वनपाल अखिलेश डूडी का नाम भी शामिल है। लिस्ट में अखिलेश डूडी का वर्तमान पदस्थापन नाका उमरैण, रेंज अलवर बफर, उप वन संरक्षक, सरिस्का बाघ परियोजना, अलवर बताया गया है। वहीं उनका तबादला सरिस्का वायरलेस कंट्रोल रूम, उप वन संरक्षक, सरिस्का बाघ परियोजना, अलवर किया गया है। कर्मचारी का नाम तबादला सूची में शामिल होने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
7 अप्रैल को फंदे से लटका मिला था शव 7 अप्रैल को अलवर के अकबरपुर थाना क्षेत्र स्थित सिलीसेढ़ तिराहे पर उमरैण रेंज वन चौकी में वनपाल अखिलेश डूडी (45) का शव कमरे में फंदे से लटका मिला था। सुबह ड्यूटी पर पहुंचे ठेका कर्मचारी ने कमरे का मुख्य गेट अंदर से बंद पाया था। जब वह पीछे के रास्ते से अंदर गया, तो वनपाल का शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी और अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। कमरे से शराब के पव्वे भी मिले थे। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर मामले की जांच शुरू की थी। खैरथल के रहने वाले थे अखिलेश अखिलेश डूडी मूल रूप से खैरथल के रहने वाले थे। पिछले करीब आठ सालों से उमरैण नाके पर तैनात थे। उनके परिवार में तीन बच्चे हैं। वनपाल का नाम विभाग की तबादला सूची में शामिल होने से विभागीय रिकॉर्ड और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
