भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में 4 दिन में 4 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन सभी प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। एक प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाया और बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव सौंप दिया। उनसे इमरजेंसी हालातों में खून मंगवाया, लेकिन चढ़ाया ही नहीं। इसके बाद प्रसूता को मृत घोषित कर दिया। प्रसूताओं की मौतों पर भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट ने कहा- हॉस्पिटल में आई महिलाएं सीरियस थी। डॉक्टर्स ने उनको रेफर किए बिना जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं पाए। एक प्रसूता को हार्टअटैक आया था। बांसवाड़ा कलेक्टर ने कहा- मौतों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका को देखते हुए सैंपल लिए गए हैं। दवाइयों के रिएक्शन के लक्षणों को लेकर भी एनेस्थेटिस्ट की रिपोर्ट और पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जा रही है। पढ़िए राजस्थान के 2 सरकारी अस्पतालों से रिपोर्ट… पहले बांसवाड़ा के MG हॉस्पिटल से रिपोर्ट गंभीर हालत में आई थी प्रसूताएं
बांसवाड़ा कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया- अस्पताल में लक्ष्मी (21) पत्नी अरविन्द, लीला (32) पत्नी विजय और रेशमा (28) पत्नी प्रेम और एक अन्य प्रसूता की मौत हुई है। 4 में से 2 प्रसूताओं को बेहद गंभीर स्थिति में अन्य सेंटर्स से यहां रेफर किया गया था। जबकि अन्य 2 केस में सिजेरियन सेक्शन (ऑपरेशन) किया गया था। इसमें से एक की रात में और दूसरी की अगले दिन मौत हुई है। मौतों के सटीक कारणों और विस्तार से जांच के लिए 5 वरिष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। साथ ही जयपुर मेडिकल विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, जहां से सीनियर डॉक्टर जांच में हिस्सा लेने आ रहे हैं। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका को देखते हुए सैम्पल्स लिए गए हैं। ड्रग रिएक्शन (दवाइयों के रिएक्शन) के लक्षणों को लेकर भी एनेस्थेटिस्ट की रिपोर्ट और पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोप पर बोले- गुमराह किया तो आकर संपर्क करें
परिजनों के पोस्टमॉर्टम करवाए बिना शव सौंपने के आरोप पर कलेक्टर ने कहा- डॉक्टर हमेशा मौत का सही कारण जानने का प्रयास करते हैं, उन्हें आगे रिपोर्ट करना होता है। अगर परिजनों को अभी भी लगता है कि उन्हें गुमराह किया गया है या किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो अस्पताल प्रशासन या पुलिस से संपर्क कर अपनी बात रख सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। अब पढ़िए परिजनों ने क्या कहा… रात तक एकदम ठीक थी, सुबह ICU में शिफ्ट किया
मृतका लीला निवासी कानेला ग्राम, अरथूना के जेठ संजय खांट ने कहा- ​डॉक्टरों ने ऑपरेशन (सिजेरियन) के जरिए लीला की डिलीवरी करवाई। डिलीवरी के बाद लीला पूरी तरह स्वस्थ थी। उसने रात तक पति विजय, सास और अन्य परिजनों से बात की और काफी खुश थी। सुबह होते ही अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचित किया कि लीला का ब्लड प्रेशर (BP) अचानक बेहद लो हो गया है और वह बेहोश हो गई है। इसके तुरंत बाद उसे आईसीयू (ICU) में शिफ्ट कर दिया गया और परिजनों के अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी गई। संजय खांट ने कहा- लीला का हीमोग्लोबिन 12 पॉइंट था, जो कि डिलीवरी के लिहाज से पूरी तरह से सामान्य और सुरक्षित माना जाता है। इसके बाद भी डॉक्टरों ने अचानक शरीर में खून की कमी की बात कही और तुरंत खून की व्यवस्था करने को कहा। हमने भाग-दौड़ की और 4 बोतल खून का इंतजाम किया। डॉक्टरों ने वह खून लीला को चढ़ाया ही नहीं और कुछ ही देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बाद में पल्ला झाड़ते हुए कहा कि प्रसूता के बचने के केवल 10% चांस ही थे। आरोप- बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव सौंपा
संजय खांट ने आरोप लगाया कि ​लीला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यदि पोस्टमॉर्टम करवाना है तो अरथूना पुलिस के आने तक इंतजार करना होगा। शव को यहीं रोके रखा जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने लिखित में ले लिया कि वे पोस्टमॉर्टम नहीं करवाना चाहते। इसके बाद बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव सौंप दिया। अब भीलवाड़ा के MGH से रिपोर्ट ‘हमने पांचों मौत के कारण पता लगाए’
भीलवाड़ा में महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने कहा- जो भी मौत होती है, बहुत दुखद होती है। हमने सबके कारण पता किए हैं। पहली प्रसूता जब यहां आई तो लेबर में नहीं थी, गेस्ट्रो शॉक में थी। दूसरी पेशेंट को हार्ट अटैक हुआ, हमारे पास उसका डॉक्युमेंटेशन है। तीसरी की मौत ऑपरेशन के बाद कॉमन कॉज (थ्रंबो एम्बोलिज्म) से हुई। बाकी 2 में पीपीएच हुआ है। इसके बावजूद इन मौतों की माइक्रो लेवल पर जांच करवाई जा रही है। इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल के एचओडी की टीम बनाई गई है। जो इस पर डिटेल इन्वेस्टिगेशन करेगी, साथ ही जयपुर से दो सीनियर डॉक्टर की टीम भीलवाड़ा जांच के लिए पहुंचेगी। कलेक्टर बोले- टीमें जांच कर रही
मामले को लेकर कलेक्टर संधू ने कहा- 26 जून को एक रिपोर्ट पेश हुई थी। इसमें ऑपरेशन थिएटर 2 में इंफेक्शन पाया गया था। इसके बाद से ये बंद है। वहीं ऑपरेशन थिएटर 1 अभी सुचारु चल रहा है। मौत की जांच के लिए स्टेट टीम बनाई गई है ,ये टीम जल्द ही जांच के लिए पहुंचेगी। सोमवार को एक्सपर्ट से करेंगे चर्चा: मंत्री खींवसर
इधर, मामले को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा- भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में हुई प्रसूताओं की मौत के मामलों को राज्य सरकार अत्यंत गंभीरता से ले रही है। इन घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य निदेशालय से एक्सपर्ट की टीम दोनों जिलों में भेजी गई है। सोमवार को प्रदेश के गायनिक एक्सपर्ट के साथ मीटिंग करेंगे। पढ़ें ये खबर भी… ऑपरेशन थिएटर में फैला संक्रमण, 7 प्रसूताओं की मौत:भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में सिजेरियन में लापरवाही, गंदे उपकरणों के इस्तेमाल का आरोप भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में छह दिन में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…