राजस्थान के कई शहरों में अब सीवरेज चैंबर की सफाई रोबोट से की जा रही है। चैंबर की सफाई के लिए अब न तो किसी कर्मचारी को गंदगी में उतरने की जरूरत पड़ रही है। न ही जिंदगी दांव लगाने की जरूरत पड़ेगी। ये अकेला रोबोट पांच से 6 लोगों का काम कर लेता है। महज 30 से 40 मिनट में पूरे सीवरेज चैंबर की सफाई हो जाती है। खास बात ये है कि इस रोबोट में लगे कैमरे पूरे सीवरेज की लाइव स्ट्रीम स्क्रीन पर बताते रहते हैं। इतना ही नहीं सीवरेज चैंबर में कौनसी जहरीली गैस कितनी मात्रा में है, ये तक बता रहा है। जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट से राजस्थान में 35 से ज्यादा शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। वहीं जोधपुर, भीलवाड़ा में इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट का ट्रायल चल रहा है। राजधानी जयपुर में 3 मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले देखें कैसे काम करता है यह रोबोट अब पढ़ें कैसे काम करता है ये ‘बैंडीकूट’ रोबोट चार कैमरे लगे, सीवरेज चैंबर में 30 फीट तक सफाई इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट में चार कैमरे लगे हैं, जो पूरे सीवरेज चैंबर की लाइव स्ट्रीमिंग बाहर लगे मॉनिटर पर दिखाते हैं। साथ ही इसमें एआई बेस्ड लेग और हैंड भी लगे हैं। जो मशीन को खड़ा करने और इसकी सफाई के लिए काम में आते हैं। इनमें एक HD कैमरा ऊपर की तरफ लगा है, जो पूरे सीवरेज चैंबर की फुटेज दिखाता है। वहीं तीन कैमरे नीचे की तरफ लगे हैं। जब रोबोट सीवरेज में उतरता है तो इन कैमरों से सारी लाइव फुटेज बाहर मॉनिटर पर ऑपरेटर को दिखती है। ये रोबोट करीब 30 फीट तक सीवरेज चैंबर में उतर जाता है। इसके AI बेस्ड हैंड सीवरेज के चारों तरफ चार से पांच फीट के कचरे को साफ कर देते हैं। 25 किलो तक वेस्ट बाहर ला सकता सीवरेज में रोबोट अंदर जाता है। इसके बाद स्क्रीन पर सीवरेज का पूरा कचरा और गंदगी दिखाता है। ऑपरेटर पैनल की मदद से उस कचरे को एकत्र करते हैं। रोबोट में ही एक बकैट लगी है, जो इस कचरे को उठाती है। रोबोट की मदद से महज 20 से 25 मिनट में सीवरेज की सफाई की जाती है। इससे नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर तक बाहर निकाले जा सकते हैं। कैमरे में लगे सेंसर, जहरीली गैस की देते जानकारी सीवरेज चैंबर में सफाई के दौरान सबसे बड़ा खतरा जहरीली गैस का रहता है। सीवरेज में सफाई करते हुए इन जहरीली गैस से कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इस रोबोट की खास बात यह है कि सीवरेज चैंबर में कौनसी गैस किस मात्रा में है, ये भी बता देता है। कैमरों के पास सेंसर लगे हैं, जो इन जहरीली गैस को डिटेक्ट कर लेते हैं। सीवरेज से निकला कचरा ऑटोमैटिक डस्टबिन में डाला जाता इस रोबोट को ऑपरेट करने के लिए इसमें एक कम्प्रेशर और जनरेटर लगा है। इस रोबोट के साथ-साथ प्रेशर जेटिंग सिस्टम भी लगा है, जो मेन होल को साफ करने का काम करती है। खास बात ये है कि जब रोबोट बाहर कचरा लेकर आता है तो किसी कर्मचारी को इसे हाथ लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें डस्टबिन लगा है, जो ऑटोमैटिक काम करता है। बटन के एक क्लिक पर डस्टबिन रोबोट के नीचे आता है। उसमें सारा कचरा डाल दिया जाता है। राजस्थान के इन शहरों में रोबोट करेगा सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में ये पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश के बड़े और छोटे 35 से ज्यादा शहरों में रोबोट से सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। इनमें जयपुर में तीन रोबोट हैं। वहीं पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, बड़ी सादड़ी, सूरतगढ़, करौली, भीलवाड़ा, सुमेरपुर, राजसमंद, फतेहनगर, चिड़ावा, नवलगढ़, कुशलगढ़ और नाथद्वारा जैसे शहरों में भी सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए इस रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि देश के 21 राज्यों में ये प्रोजेक्ट चल रहा है। ग्राफिक्स से समझें: कैसे नाम पड़ा, सफाईकर्मियों को कैसे होगा फायदा जोधपुर में चल रहा ट्रायल, 20 मिनट में रोबोट ने की सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस रोबोट का ट्रायल चल रहा है। जोधपुर नगर निगम की ओर से हाल ही जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी का बैंडीकूट रोबोट खरीदा गया है। दैनिक भास्कर ने रोबोट की सफाई का प्रोसेस जाना। शहर के किंग हॉस्पिटल के पास शुक्रवार को सीवरेज चैंबर की सफाई चल रही थी। रोबोट पहले नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर बाहर निकाल कर लाता है। वहीं दूसरी बार रोबोट को अंदर उतारा तो चैंबर से बड़ी मात्रा में कचरा निकालकर लाया। एक बार में ये 25 किलो तक वेस्ट उठाकर बाहर लाया। वहीं इस दौरान मशीन की मॉनिटर पर सीवरेज में मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड और स्मोक जैसी जहरीली गैस की जानकारी भी दी।
यह खबर भी पढ़ें… जहरीली गैस से दम घुटने के कारण 2 की मौत:जयपुर में सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे, सांस नहीं आने पर चिल्लाने लगे थे जयपुर में अप्रैल 2026 को सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान 2 मजदूरों का जहरीली गैस से दम घुटने लगा, तो दोनों चिल्लाने लगे। (पूरी खबर पढ़ें)
