धराली (उत्तराखंड) त्रासदी के मलबे में लापता हुए कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अग्निवीर की बॉडी 68 दिन बाद मिली है। डीएनए टेस्ट से भौनावास गांव निवासी भीम सिंह (19) पुत्र महेश सिंह की पहचान हुई है। भीम सिंह इस प्राकृतिक आपदा से करीब 9 महीने पहले 14 राजपूताना राइफल्स में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे। यह उनकी पहली पोस्टिंग थी। उनके दादा रिटायर्ड हवलदार ओनाड सिंह ने बताया- भीम के बड़े भाई कंवरपाल सिंह के पास रविवार सुबह 9 बजे सीओ हर्षवर्धन सिंह का कॉल आया था। उन्होंने जानकारी दी कि डीएनए मैच होने से भीम सिंह की बॉडी की पहचान हो गई है। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के धराली गांव में 5 अगस्त को बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। खीर गंगा नदी में आए मलबे ने सिर्फ 34 सेकेंड में पूरा गांव उजाड़ दिया था। इसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। मलबे में दबने से बहुत-से लोग लापता हो गए थे। कल होगा अंतिम संस्कार
भौनावास गांव के बृजपाल, बलवीर सिंह और श्रवण सिंह ने बताया- मंगलवार सुबह शहीद की पार्थिव देह प्रागपुरा थाने पहुंचेगी। यहां से तिरंगा यात्रा के साथ पार्थिव देह को पैतृक गांव भौनावास लाया जाएगा। जहां सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। हर्षिल में थी पोस्टिंग
अग्निवीर के बड़े भाई कंवरपाल सिंह (23) ने बताया- भीम सिंह 1 नवंबर 2024 को सेना में ट्रेनिंग के लिए गया था। 5 जून 2025 को वह ट्रेनिंग से पासआउट हुआ था। इसके बाद 14 राजपूताना राइफल्स में उसे उत्तराखंड के हर्षिल में पोस्टिंग मिली थी। भीम सिंह की मां विनोद कंवर ब्लड प्रेशर (BP) की मरीज हैं। पिता महेश सिंह भी बुजुर्ग हैं। इसलिए भीम सिंह की शहादत की खबर अभी उन्हें नहीं दी है। कंवरपाल ने बताया- मैं भी सेना में जाने की तैयारी कर रहा हूं। पिता खेती करते हैं। 4 अगस्त को आखिरी बार हुई थी बात
कंवरपाल ने बताया- भीम सिंह से आखिरी बार 4 अगस्त को बात हुई थी। उस दिन रात 9 बजे भीम सिंह का फोन आया था। उसने घर में सभी का हाल-चाल पूछा था। उसने बोला था कि वह छुट्टी पर आएगा, तब घर की मरम्मत करवाएगा। 5 अगस्त को हादसे की खबर मिलते ही भाई से कॉन्टैक्ट किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। 7 अगस्त को रात 12 बजे भीम के कंमांडिंग ऑफिसर (CO) का फोन आया। तब उन्होंने बताया कि भीम सिंह समेत 8 जवानों से उनका संपर्क नहीं हो रहा है। टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है। अब रविवार को भीम सिंह के सीओ ने उसकी शहादत की सूचना दी। ………….. ये खबर भी पढ़ें…
राजस्थान का अग्निवीर उत्तराखंड में लापता:भाई बोला- माता-पिता को नहीं बताया, हादसे की खबरें देख परेशान हुए तो पुराने वीडियो दिखाकर भरोसा दिलाया उत्तराखंड में उत्तरकाशी के धराली गांव में 5 अगस्त को बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के रहने वाले अग्निवीर भी लापता हो गए। भौनावास गांव निवासी भीम सिंह (19) पुत्र महेश सिंह 14 राजपूताना राइफल्स में अग्निवीर हैं। उनके बड़े भाई कंवरपाल सिंह (23) ने बताया- भीम सिंह 9 महीने पहले ही सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे। मां विनोद कंवर ब्लड प्रेशर (BP) की मरीज हैं। पिता महेश सिंह भी बुजुर्ग हैं। (यहां पढ़ें पूरी खबर) ‘शेर अकेले जाते हैं’ कहकर गया बेटा नहीं लौटा:मां कर रही इंतजार, बच्चे पूछ रहे- ‘कब आएंगे पापा’, उत्तराखंड में राजस्थान के 5 जवान लापता सीकर का शाहपुरा गांव। गांव में छोटा सा घर। भास्कर की रिपोर्टर इस घर तक पहुंची। गेट खोला तो घर के बीचों-बीच लकड़ी की चारपाई पर 45 वर्षीय महिला बैठी थी। हाथ में 20 साल के बेटे की तस्वीर। रिपोर्टर को देखते ही बोलीं- मेरे बेटे की कोई खबर मिली क्या? कैसा है वो? (यहां पढ़ें पूरी खबर) उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, गांव जमींदोज:34 सेकेंड में सैकड़ों घर-होटल मलबे में दबे; 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार दोपहर 1.45 बजे बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी की टीमें बचाव और रेस्क्यू के काम में जुटी हैं। अब तक 130 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
