राजस्थान की सीआईडी इंटेलिजेंस ने तीन दिन पहले पाकिस्तान की ISI के जासूस को गिरफ्तार किया था। अलवर के गोविंदगढ़ से पकड़ा गया जासूस मंगत सिंह (42) करीब 3 महीने से पुलिसकर्मी सुरजन सिंह यादव के मकान में किराए पर रह रहा था। मंगत की पत्नी परमजीत कौर का कहना है कि मैं घरों में बर्तन धोने और खाना बनाने का काम करती थी। अब मुझे जासूस की पत्नी कहकर काम से निकाल दिया है। वहीं मौसी का कहना है कि उसे पाकिस्तानी लड़की ने हनी ट्रैप में फंसाया है। मंगत सिंह सातवीं पास है। वह जेके लक्ष्मी सीमेंट की फैक्ट्री में सुपरवाइजर के पद पर काम करता था। सीआईडी इंटेलिजेंस ने शुक्रवार को मंगत सिंह को गिरफ्तार किया था। रविवार शाम 4 बजे भास्कर की टीम अलवर के मुलतान नगर स्थित उस मकान में पहुंची, जहां मंगत परिवार के साथ किराए पर रहता था। फैक्ट्री से उठा ले गई पुलिस
घर पर मंगत की पत्नी परमजीत कौर रोते हुए मिली। मां शकुंतला कौर की आंखों से भी आंसू छलक रहे थे। इस दौरान भास्कर टीम ने जासूस के परिवार से बातचीत की। पत्नी परमजीत कौर ने कहा- सीआईडी इंटेलिजेंस की टीम उसे फैक्ट्री से ही उठाकर ले गई। उसे इस मामले की भनक तक नहीं थी। परमजीत ने बताया कि परिवार खाना तक नहीं खा पा रहा है। मैं तीन घर में खाना बनाने और बर्तन धोने का काम करती थी। अब लोगों ने मुझे ‘जासूस की बीवी’ कहकर काम से निकाल दिया है। परिवार में तीन बच्चे हैं और हम पिछले 13 साल से किराए के मकानों में रह रहे हैं। वहीं मंगत की मां शकुंतला ने कहा- मेरा बेटा किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। वह ही मुझे खाना खिलाता था। फैक्ट्री से आता और फोन चलाकर सो जाता
परिवार का कहना है- हमें यकीन ही नहीं हो रहा कि मंगत ऐसा कुछ कर सकता है। वह तो फैक्ट्री से आकर थोड़ा फोन चलाता और सो जाता था। परिवार ने कहा कि मंगत को फंसाया गया है। वह ज्यादा मोबाइल भी इस्तेमाल नहीं करता था। उन्होंने बताया कि वह एक पाकिस्तानी लड़की के संपर्क में था, जिसने उसे फंसाया। परिवार ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी सुरजन सिंह बीच-बीच में आकर अपने घर के दूसरे कमरे में सोता था, जो उसने खुद के रहने के लिहाज रखा हुआ था। मंगत को पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार ने मकान दिलवाया था
मंगत करीब तीन महीने से हेड कॉन्स्टेबल सुरजन सिंह यादव के मकान में चार हजार रुपए में किराए पर रह रहा था। सुरजन सिंह बगड़ तिराहा थाने में एचएम पद पर तैनात है। सुरजन सिंह का कहना है कि मंगत के रिश्तेदार पहले से ही मेरे मकान के पड़ोस में रहते हैं, जिन्होंने मुझे कहा कि मंगत की गारंटी हमारी है। यह अच्छा आदमी है। फिर भी मैंने मंगत का आधार कार्ड की फोटो कॉपी रख ली थी। मैंने कमरा चार हजार रुपए महीने के हिसाब से दिया था। उसने अभी दो महीने का किराया भी नहीं दिया है। यह मकान मैंने कुछ महीने पहले किसी से खरीदा था, जिसके बाद से उसमें किरायेदार रह रहे हैं। दो साल से ISI को गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था
जांच में सामने आया कि मंगत सिंह पिछले दो साल से ISI को गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था। वह सोशल मीडिया के जरिए महिला पाक हैंडलर ईशा (बदला हुआ नाम) से जुड़ा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उसने अलवर सैन्य क्षेत्र की कई जानकारियां साझा की थीं। एजेंसियों ने जयपुर में उससे पूछताछ की और उसके मोबाइल से जासूसी से जुड़ी अहम जानकारियां बरामद की गई हैं। हालांकि पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ जारी है। मामला संवेदनशील होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां मंगत के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
————- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अलवर से पकड़ा पाकिस्तानी जासूस, हनी ट्रैप में फंसाया:ISI की महिला हैंडलर्स से करता था बात, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भेजी सूचनाएं राजस्थान की सीआईडी इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान की ISI के जासूस को गिरफ्तार किया है। आरोपी पाक हैंडलर्स के साथ सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा हुआ था।जानकारी के अनुसार हनी ट्रैप और पैसों के लालच में सूचनाएं ISI को भेज रहा था। आरोपी जासूस मंगत सिंह (42) अलवर के गोविंदगढ़ का रहने वाला है।(पूरी खबर पढ़ें)