पाली जिले के सादड़ी में दो अलग-अलग जगहों पर वन्य जीवों को रेस्क्यू किया गया। पहला मामला सादड़ी क्षेत्र के जाटों की डोरण से आया। जहां 13 फीट लंबे अजगर ने एक नीलगाय के बछड़े को निगल लिया था। वहीं दूसरी मामला शीतला माता रोड सोयलों वाला बेरा से आया। जहां एक मगरमच्छ किसान के बाड़े में पहुंच गया। जाटों की डोरण निवासी भोमाराम ने बताया कि शनिवार की सुबह 10 बजे उसे खेत में फसल कटाई के समय एक अजगर दिखाई दिया। जो जमीन पर पड़ा हुआ था। नीलगाय के बछड़े के निगल जाने की वजह से वह अपनी जगह से हिल नहीं पा रहा था। इस पर टाइगर रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई। एक घंटे में टीम मौके पर पहुंची और अजगर को रेस्क्यू किया गया। भोमाराम ने बताया-रेस्क्यू के दौरान अजगर ने नीलगाय के बछ़डे को वापस उगल दिया। इसके बाद टीम ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। वहीं सोयलों वाला बेरा निवासी घीसुलाल वनाजी ने बताया कि दोपहर 12 बजे उसने अपने बाड़े के पास एक 9 फीट लंबे मगरमच्छ को देखा। इसके बाद टाइगर रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई। टाइगर रेस्क्यू टीम के रफीक पठान, अजय दमामी और वन विभाग से ईश्वर सिंह, संजय व रामेश्वर की मदद से मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया गया। बाद में उसे रणकपुर बांध में सुरक्षित छोड़ दिया गया। टाइगर रेस्क्यू टीम के संयोजक रफीक पठान ने बताया कि इन दिनों खेतों में अजगर आने के प्रतिदिन 4-5 मामले सामने आ रहे हैं। उनकी टीम सूचना मिलते ही इन सभी अजगरों का सुरक्षित रेस्क्यू कर रही है।
