पंजाब में फरीदकोट के गांव हरीनौ में 2 राइस मिलों से राजस्थान से लाया गया 400 क्विंटल धान बरामद हुआ। फूड सप्लाई और मार्कफेड विभाग ने मार्केट कमेटी व पुलिस के साथ छापा मारा। यहां धान से भरी चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गई हैं। साथ ही दोनों राइस मिलों के मालिकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों राइस मिलों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उनकी रिपोर्ट पर डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर ने पुलिस को दोनों राइस मिलों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। किसानों ने राजस्थान की ट्रालियां देख दी सूचना जानकारी के अनुसार, शनिवार को किसानों ने देखा कि गांव हरीनौ की दो राइस मिलों में राजस्थान नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धान लेकर आ रहीं थीं। उन्होंने इसकी सूचना किसान यूनियन के नेताओं को दी गई। यूनियन के नेताओं ने अधिकारियों को सूचना दी। राइस मिलों से मार्कफेड का माल पूरा मिला-डीएफएससी जिला खाद्य आपूर्ति कंट्रोलर (डीएफएससी) गुरजीत सिंह और मार्कफेड की जिला मैनेजर सुखजिंदर कौर ने बताया कि गांव हरीनौ की यूनाइटेड राइस मिल और अन्नपूर्णा राइस मिल को मार्कफेड एजेंसी अलॉट है। यहां धान लाने की सूचना मिली थी। जांच में मार्कफेड का माल सही पाया गया, लेकिन राजस्थान के हनुमानगढ़ से लाया गया करीब 350 से 400 क्विंटल धान जब्त किया गया। किसानों को पहुंचाया जा रहा नुकसान किसान नेता हरजिंदर सिंह ने बताया कि मंडियों में अभी तक धान की लिफ्टिंग शुरू नहीं हुई है और राइस मिलर बाहर के राज्यों से धान लाकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे स्थानीय किसानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
