जैसलमेर. सीमावर्ती जैसलमेर जिले में हजारों की तादाद में पाकिस्तान से आए शरणार्थी शहर सहित ग्रामीण अंचलों में निवास कर रहे हैं। पाकिस्तान में उन्हें धर्म आधारित प्रताडऩाओं से लेकर अन्य सामाजिक-आर्थिक तकलीफों ने इतना सताया कि, वे मूल वतन में सुखी जीवन की आस लिए पहुंचे। यहां पर उन्हें निश्चित रूप से पाकिस्तान के मुकाबले सुरक्षित जीवन का अधिकार मिला लेकिन रोजमर्रा के जीवन यापन के लिए जरूरी सुविधाओं के लिए आज भी आधे शरणार्थी परिवार तरस रहे हैं।