जोधपुर में एक युवती को 10 दिन डिजिटल अरेस्ट रख 1.85 करोड़ की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अनपढ़ लोगों को सरकारी स्किम का पैसा अकाउंट में दिलवाने का झांसा देकर उनकी डिटेल लेता था। इसके बाद ठगी के सारे रुपए इन अकाउंट में ट्रांसफर करवा देता था। इस मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। 7वें आरोपी सदासुख (22) को जैसलमेर से डिटेन कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ जयपुर और जैसलमेर में म्यूल अकाउंट मामले को लेकर गिरफ्तार हो चुका है। युवती को डराया- आपके खाते में गलत ट्रांजैक्शन हुआ मामला फरवरी 2026 का है। युवती को नकली सीबीआई ऑफिसर बनकर डराया और कहा कि उसके खाते में गलत रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। इसके लिए 3 या 10 साल की सजा हो सकती है। इसके लिए इन रुपए को उनके खाते में ट्रांसफर करना होगा और इसकी जांच के बाद दोबारा उसे भेज दिए जाएंगे। इस दौरान युवती को 10 दिन तक डरा और धमका कर रखा गया और 1 करोड़ 85 लाख रुपए ट्रांसफर करवाने को कहा गया। बदमाशों के कहने के बाद युवती ने 18 फरवरी 2026 को 1 करोड़ 85 लाख अकाउंट में जमा करवा दिए। साइबर थाने के एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि इसके बाद 23 फरवरी को युवती दोबारा पंजाब नेशनल बैंक में 30 लाख रुपए जमा करवाने गई थी। बैंक वालों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को कॉल किया। इसके बाद वे टीम के सा​थ पहुंचे और युवती से बातचीत की तो सारा मामला सामने आया। इस दौरान उन्होंने युवती को समझाया और 23 फरवरी 2026 को ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर गई।
गिरफ्तार आरोपी लोगों को झांसे देकर अकाउंट किराए पर लेता था पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सदासुख अनपढ़ और मजदूरों को गुमराह करता और उन्हें झांसे में ले लेता था कि लोन और सरकारी योजनाओं के रुपए उनके खाते में आएंगे। इसके बाद इन लोगों से अकाउंट डिटेल लेकर वह इनके अकाउंट नंबर साइबर ठगों को दे देता था। साइबर थाना अधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि पुलिस की ओर से हुई जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ 30 लाख की साइबर ठगी के 9 अलग-अलग शिकायतें कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा में दर्ज है। इतना ही नहीं अगस्त 2025 में उसे जयपुर के श्याम नगर थाना पुलिस ने 41 एटीएम, पासबुक और 7 लाख 70 हजार रुपए के सा​थ पकड़ा था। म्यूल अकाउंट लेन-देने मामले में भी जैसलमेर की मोहनगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।