पाली के रोहट थाना इलाके में स्लीपर बस में सोते-सोते 14 साल के लड़के की मौत हो गई। गांव आने पर कंडक्टर ने उसे उठाया तो अचेत मिला। इसके बाद ड्राइवर बस को सीधे थाने ले गया।, जहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि युवक की जांच की तो उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ही मौत के कारण की सही जानकारी सामने आएगी। विसरा सैंपल लिए गए हैं। नासिक से अपने ननिहाल आ रहा था
SHO पदमपाल सिंह ने बताया- पाली जिले के खिंवाड़ा गांव का रहने वाला रणजीत सिंह उर्फ राजूसिंह (14) पुत्र शैतानसिंह की मौत हुई है। रणजीत 26 मई को नासिक (महाराष्ट्र) में रहने वाले मामा के पास गया था। मंगलवार को वह स्लीपर बस में नासिक से बैठा था और अपने ननिहाल बागड़िया गांव (रोहट) आ रहा था। उसने कंडक्टर को बोल रखा था कि खारड़ा गांव आने पर उसे उतार देना। बुधवार सुबह करीब 9 बजे खारड़ा गांव आने पर कंडक्टर ने रणजीत सिंह को आवाज दी, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कंडक्टर ने सोचा कि वह सो रहा होगा। कंडक्टर ने उसकी सीट के पास जाकर उसे उठाने का प्रयास किया। कंडक्टर ने उसे हिलाया तो वह अचेत हालत में था। इस पर कंडक्टर-ड्राइवर को बस को थाने ले आए। यहां से नाबालिग को रोहट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। SHO पदमपाल सिंह ने बताया- खारड़ा गांव आने से पहले रणजीतसिंह ने अपनी नानी को कॉल किया था और कहा था कि खारड़ा गांव के स्टॉप पर मामा को भेज देना। उसके मामा बस स्टॉप पर उसका इंतजार कर रहे थे। कंडक्टर बोला- अचेत हालत में था
बस कंडक्टर शैतानसिंह ने बताया- लड़का नासिक से बस में बैठा था। उसके मामा ने कहा था कि खारड़ा उतार देना। खारड़ा गांव आने से पहले मैंने आवाज लगाई कि खारड़ा उतरने वाले तैयार हो जाएं, लेकिन रणजीत सिंह नहीं खड़ा हुआ। इस पर मैं उसकी स्लीपर सीट के पास गया, वह सो रहा था। उसे उठाया, लेकिन कोई हलचल नहीं हो रही थी। लड़के को नासिक से बैठाने वाले उसके मामा को कॉल कर सारी बात बताई। बस मालिक को भी घटना के बारे में बताया और बस को सीधे रोहट थाने ले गए। जांच के लिए सैंपल भेजे
डॉक्टर वागाराम पटेल ने बताया- लड़के की अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। विसरा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
