डीडवाना-कुचामन पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चितावा थाना क्षेत्र के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में करीब 1000 से अधिक वीडियो मिले हैं, जिनमें 400 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो हैं। साथ ही सैकड़ों आपत्तिजनक फोटो तथा एक ऐसा व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसमें नाबालिगों से जुड़ी अश्लील सामग्री साझा की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा के निर्देशन तथा वृताधिकारी मुकेश चौधरी के सुपरविजन में चितावा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी तेजाराम के नेतृत्व में टीम गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने मोबाइल में चाइल्ड पोर्नोग्राफी देख रहा है और उसके पास बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री मौजूद है। पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया। मोबाइल जांच में हुआ बड़ा खुलासा मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को 1000 से अधिक वीडियो और सैकड़ों फोटो मिले। इनमें से करीब 400 वीडियो चाइल्ड पोर्नोग्राफी और अन्य अश्लील सामग्री से संबंधित पाए गए। जांच के दौरान मोबाइल में एक व्हाट्सएप ग्रुप भी मिला, जिसमें कई सदस्य जुड़े हुए थे और वहां नाबालिगों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री साझा की जा रही थी। आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट तथा अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सतपाल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामग्री कहां से प्राप्त की गई और व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े अन्य लोगों की इसमें क्या भूमिका है। आमजन से पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री रखना, डाउनलोड करना, देखना, साझा करना या सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करना गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
