राजस्थान सरकार और केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय के बीच एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (RDPL) के शेयर ट्रांसफर नहीं करने के मामले में राजस्थान सरकार ने केन्द्रीय मंत्रालय को चौथी बार फिर से पत्र लिखकर चेताया है। कहा है कि अगर जल्द ही मंत्रालय शेयर ट्रांसफर नहीं करता तो सरकार को कानूनी मामलों में कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लि. (RMSCL) की चेयरमैन और हेल्थ डिपार्टमेंट की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने हाल में केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय को पत्र लिखकर रिमांइडर करवाया, कि अब तक मंत्रालय ने RDPL के 25.45 लाख शेयर राजस्थान राज्यपाल के नाम ट्रांसफर नहीं किए है। इसके लिए पहले भी चार बार पत्र लिखा जा चुका है। चेयरमैन ने अपने पत्र में लिखा- हमने इन शेयरों के मामले में दी जाने वाली बकाया राशि औषधि विभाग को जमा कर दी हैं। 25,45,000 रुपए शेयर के और भारत सरकार के लोन के 21 करोड़ रुपए शामिल हैं। ये राशि जमा करवाने के बाद भी मंत्रालय की तरफ से अब तक 25,45,000 शेयरों के ट्रांसफर नहीं किए। इस कारण RDPL के स्वामित्व का राजस्थान सरकार को हस्तांतरित नहीं हो पा रहा। उन्होंने चेताया है कि MCA (कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय) पोर्टल पर शेयर हस्तांतरण लंबित होने के कारण सरकार को चल रहे कानूनी मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और लेनदारों के प्रति अतिरिक्त ब्याज की देनदारियां बढ़ रही हैं। 10 साल से बंद है RDPL करीब 10 साल से RDPL में दवाईयों का उत्पादन बंद है। सीकर रोड जयपुर में विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित इस कंपनी में राजस्थान सरकार सरकारी हॉस्पिटलों में उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाईयों की मैन्युफेक्चरिंग करवाती थी। लेकिन पिछले 10 साल से ये बंद है, जिसे पूववर्ती गहलोत सरकार ने फिर से शुरू करने का कैबिनेट में निर्णय किया था।
