धौलपुर जिले के सरानी खेड़ा गांव में शनिवार दोपहर हाईटेंशन विद्युत लाइन में फॉल्ट के कारण भीषण आग लग गई। इस आग ने खेत पर बने छप्परपोश मकानों और झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 2 किसान परिवारों को भारी नुकसान हुआ।
गेहूं, भूसा, बोरवेल पाइप और अन्य कृषि तथा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। ग्रामीणों ने दमकल के कथित तौर पर 2 घंटे देरी से पहुंचने पर नाराजगी व्यक्त की। जानकारी के अनुसार, किसान राजन सिंह के खेत के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के तार तेज हवा के कारण आपस में टकरा गए। इन तारों से निकली चिंगारी सूखे छप्पर पर गिरी, जिससे आग भड़क उठी। तेज हवा के चलते आग कुछ ही मिनटों में विकराल हो गई और पास में स्थित किसान गंगा सिंह के खेत तक फैल गई। ग्रामीणों का आरोप- 2 घंटे बाद पहुंची दमकल
आग लगने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी और निजी संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। देखते ही देखते खेतों में रखा अनाज, भूसा और अन्य सामान नष्ट हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल वाहन करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचा। स्थानीय निवासी उत्तम कुशवाहा ने बताया कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था। दमकल कर्मियों ने बाद में कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसानों को लाखों का हुआ नुकसान
प्राथमिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में लगभग 40 क्विंटल गेहूं, 150 क्विंटल भूसा, दो झोपड़ियां, बोरवेल में उपयोग होने वाले सैकड़ों प्लास्टिक पाइप तथा अन्य कृषि एवं घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए। किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हेड कॉन्स्टेबल वीरभान ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
