फलोदी के सरकारी अस्पताल में आयोजित नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के बाद गंभीर हालत में बीकानेर रेफर की गई महिला की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और समाज के लोगों ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। मृतका फलोदी निवासी संजू सोनी है। 16 मई 2026 को राजकीय चिकित्सालय फलोदी में आयोजित नसबंदी शिविर में उनका ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला को घर भेज दिया गया, लेकिन दो दिन बाद उसके पेट में तेज दर्द और उल्टियां शुरू हो गईं। ऑपरेशन में आंत कटने की आशंका परिजन 20 मई को महिला को बीकानेर के कोठारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जांच के दौरान ऑपरेशन में आंत कटने की आशंका जताई गई, जिसके बाद महिला को पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात पीबीएम अस्पताल में सर्जन डॉ. अशोक लूणिया की यूनिट के चिकित्सकों ने महिला का ऑपरेशन किया, लेकिन गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। पति ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतका के पति संतोष कुमार ने सदर थाने में परिवाद देकर फलोदी अस्पताल और पीबीएम अस्पताल के डॉक्टरों पर उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला पहुंचा राजनीति तक मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने संजू सोनी की मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग राज्य सरकार से की है। इधर पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सामाजिक कार्यकर्ता मगनाराम केडली, आरएलपी नेता विजयपाल बेनीवाल, दानाराम घिंटाला तथा मेढ़ स्वर्णकार समाज के पूर्व अध्यक्ष हुकुमचंद सोनी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे नेताओं ने संबंधित डॉक्टरों और सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
