झालावाड़ जिले में लंबे समय बाद पेट्रोल-डीजल के दाम एक साथ करीब 3.25 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। इस वृद्धि से आमजन की चिंता बढ़ गई है और इसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी तथा घरेलू बजट पर पड़ने लगा है। शहर में पेट्रोल अब 108.34 रुपए प्रति लीटर और डीजल 93.56 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले पेट्रोल 105.09 रुपए और डीजल 90.54 रुपए प्रति लीटर के भाव से मिल रहा था। वाहन ड्राइवरों को अब प्रति लीटर 3 रुपए से अधिक की अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार इतनी बड़ी वृद्धि करीब चार साल बाद देखने को मिली है। इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन सवारों पर पड़ रहा है, जो प्रतिदिन कामकाज के लिए बाइक का उपयोग करते हैं। एक सामान्य दोपहिया वाहन सवार प्रतिदिन औसतन दो लीटर तक पेट्रोल खर्च करता है। ऐसे में महीनेभर में यह अतिरिक्त खर्च लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों और व्यापारियों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाद्य सामग्री, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देगा। जिले में अधिकांश मालवाहक वाहन डीजल पर निर्भर हैं। परिवहन खर्च बढ़ने से सब्जियों, किराना सामग्री और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में भी वृद्धि की संभावना है। पेट्रोल पंप संचालकों से मिली जानकारी के अनुसार झालावाड़ शहर में प्रतिदिन करीब 20 हजार लीटर से अधिक पेट्रोल और डीजल की खपत होती है। झालावाड़ शहर में वर्तमान में एचपीसीएल के 4, दो इंडियन ऑयल, दो भारत पेट्रोलियम और एक रिलायंस कंपनी का पेट्रोल पंप संचालित है। वहीं, जिलेभर में करीब 150 पेट्रोल पंप मौजूद हैं। संचालकों का कहना है कि फिलहाल ईंधन की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। डीजल की बढ़ी कीमतों का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। जिले के किसान सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में डीजल का उपयोग करते हैं। खेती की लागत बढ़ने की संभावना से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। इधर, पेट्रोल-डीजल महंगा होने के साथ ही निजी यात्री वाहनों और बस संचालकों की ओर से किराए में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। बड़ी संख्या में लोग निजी बसों और अन्य वाहनों से यात्रा करते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यात्राएं भी महंगी हो सकती हैं। हालांकि रोडवेज किराए में बदलाव का निर्णय राज्य सरकार स्तर पर लिया जाता है, लेकिन निजी वाहन संचालक अपने स्तर पर किराए में वृद्धि कर सकते हैं।

महंगाई के खिलाफ महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और दूध के दामों में लगातार की जा रही बढ़ोतरी के विरोध में झालावाड़ के मामा-भांजा चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई और ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आमजन पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को उजागर किया। महिलाओं ने कहा कि महंगाई ने आम परिवारों का जीवन कठिन बना दिया है और घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष वर्षा शर्मा ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने महिलाओं की रसोई पर सबसे अधिक असर डाला है। गैस, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी एवं दूध की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक मार पड़ रही है। आज स्थिति यह है कि महिलाएं अपने घर का चूल्हा तक ठीक से नहीं जला पा रही हैं। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार को तुरंत बढ़ती महंगाई पर रोक लगाकर आमजन को राहत प्रदान करनी चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में मोनिका सेठी, सलमा बानो, रेखा मेहर, जाहिदा बेगम, संजीदा खानम एवं महिला कांग्रेस की अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।