नागौर एसपी रोशन मीणा की अपील पर अवैध बजरी परिवहन की शिकायत करना चावण्डिया के एक युवक के लिए मुसीबत बन गया है। पुलिस ने जिस सूचना को ‘गोपनीय’ रखने का वादा किया था, वह बजरी माफिया तक पहुंच गई। अब माफिया ने शिकायतकर्ता दुकानदार को जान से मारने की धमकी दी है। इस घटना के बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली और हेल्पलाइन की गोपनीयता सवालों के घेरे में आ गई हैं। दरअसल, नागौर एसपी ने 6 अप्रैल को एक टोल-फ्री नंबर जारी किया था। इसमें जनता से अवैध गतिविधियों की जानकारी देने को कहा था। इसी पर भरोसा कर 8 मई को रियां बड़ी उपखंड के चावण्डिया निवासी एक किराना व्यापारी रामप्रकाश ने गांव से गुजरने वाले अवैध बजरी के ट्रैक्टरों की शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित बोला- मुझे बदमाशों ने दुकान पर आकर धमकाया
रामप्रकाश का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार से सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और हर समय हादसे की आशंका रहती है। इस शिकायत को देने के एक ही दिन बाद ही जिटिया निवासी दिलीप चौधरी और दासावास निवासी रामकिशोर बराड़ उसकी दुकान पर उसे धमकाने पहुंच गए। आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा- ‘पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत कैसे हुई, अब तुझे जान से मार देंगे।’ पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने दावा किया था कि हेल्पलाइन पर सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके बाद फिर उसका नाम और लोकेशन आरोपियों तक कैसे पहुंची। पीड़ित का आरोप है कि विभाग के ही किसी कर्मचारी ने माफिया से साठगांठ कर शिकायतकर्ता का नंबर या नाम उजागर किया है। एसपी बोले- जांच कर कार्रवाई करेंगे
पीड़ित ने पादूकलां थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित रिपोर्ट दी है। जबकि एसपी रोशन मीणा का कहना है- सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है। इस मामले में जांच करवाई जाएगी कि धमकी देने वालों को शिकायत करने वाले की जानकारी कैसे मिली। जांच में दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि रियां बड़ी, पादु कलां और जसनगर सहित आसपास के क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन को लेकर पुलिस द्वारा कार्रवाईयों के दावे तो किए जाते हैं। लेकिन पिछले दिनों ही DST टीम पर बजरी माफिया से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की शह के बिना अवैध गतिविधियां संभव नहीं हो सकती है। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच की मांग की है।
