बालोतरा जिले में पानी पीने पहुंची ऊंटनी की टंकी में गर्दन फंसने से मौत हो गई। ऊंटनी रातभर नल और टैंक की दीवार के बीच फंसी रही न तो पानी पी सकी और न ही गर्दन निकाल पाई। प्यास से तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई। सुबह ग्रामीणों ने उसे देखा तो पटवारी और ऊंटनी मालिक को सूचना दी । घटना समदड़ी क्षेत्र के खेजड़ियाली तेजसिंह की ढाणी की शनिवार रात की है। पटवारी अमित ने बताया- रात में ऊंटनी पानी पीने पहुंची थी। टंकी में पानी बहुत नीचे था। जिससे उसकी गर्दन नल और दीवार के बीच में फेस गई। ज्यादा देर तक फंसे रहने से ऊंटनी की मौत हो गई। महीने ने एक या 2 बार आता है पानी खेजड़ियाली निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया- यहां फलसूंड परियोजना से टंकी और जीएलआर में पानी आता है, लेकिन अभी पानी महीने में एक या दो बार ही आ रहा है। गर्मी की वजह से ज्यादातर समय जीएलआर व टंकी खाली रहती है। ग्रामीण बोले- प्यास से मौत हुई है शनिवार रात को ऊंटनी पानी पीने के लिए पहुंची थी। उसे नीचे थोड़ा बहुत पानी दिखा होगा। ऊंटनी पानी पीने गई तो लोहे के नल और दीवार के बीच उसकी गर्दन फंस गई। ऐसे में, रातभर वह ऐसे ही रही और प्यास से तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। पटवारी की ओर से कार्रवाई करने के बाद ऊंटनी को ग्रामीणों की मदद से मालिक मोटाराम देवासी ने दफना दिया। पढ़ें ये खबर भी… 5 दिन ऊंटनी के शव के पास बैठा रहा बच्चा:सिर मार कर मां को उठाने की कोशिश करता, कुत्तों ने नोचा जैसलमेर में ऊंटनी की मौत के 5 दिन बाद भी बच्चा उसके शव के पास बैठा रहा। बार-बार सिर से मां को उठाने की कोशिश करता और फिर अपनी जगह पर आकर बैठ जाता। (पढ़ें पूरी खबर)