मोगा में एक युवक ने सुसाइड कर लिया। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि उसकी गर्लफ्रेंड के पति ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि इसी मानसिक दबाव के चलते युवक परेशान चल रहा था। परिजनों के अनुसार, युवक शाम के समय घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की मदद से पूरी रात उसकी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगली सुबह इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब युवक का शव एक स्कूल के पास पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस ने मामले मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शाम को घर से निकला, सुबह लाश मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गांव लंडे निवासी मनप्रीत (33) के रूप में हुई है। मृतक के पिता टेक सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मनप्रीत 7 मई की शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह उसका शव गांव के स्कूल के पास एक पेड़ से लटका हुआ मिला। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति की पत्नी के साथ मनप्रीत के कथित संबंधों को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते आरोपी व्यक्ति और उसका साथी मनप्रीत को लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे थे तथा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR दर्ज घटना की सूचना मिलते ही समालसर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। सहायक थानेदार मनप्रीत कौर ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर जसपाल सिंह उर्फ काली और लवप्रीत सिंह उर्फ लब्बी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में IPC की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जसपाल सिंह उर्फ काली को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी लवप्रीत सिंह उर्फ लब्बी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। जांच अधिकारी के अनुसार मामले में कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य सबूतों के आधार पर धमकियों और प्रताड़ना के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही, यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।