अवैध शराब के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए आबकारी विभाग ने झुंझुनू जिले में एक बड़ा अभियान छेड़ा है। जिला आबकारी विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान अब तक अलग-अलग धाराओं में 30 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि अवैध शराब बनाने के लिए तैयार की गई 3700 लीटर लाहण (वाश) को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई की जद में अवैध कारोबारियों के साथ-साथ नियम विरुद्ध काम करने वाले शराब ठेकेदार भी आए हैं। अभियान के तहत ताबड़तोड़ छापेमारी
जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन सिद्दिकी ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत झुंझुनू जिले के आबकारी थानों और सर्किलों को सक्रिय किया गया है। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। इसी क्रम में जिले भर में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, जिससे शराब माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। शराब ठेकेदारों पर भी गिरी गाज आबकारी विभाग को लंबे समय से शराब ठेकेदारों के खिलाफ भी जनता की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने शराब के ठेकों की सघन जांच शुरू की है। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 7 शराब ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 3700 लीटर लाहण नष्ट, संसाधनों पर प्रहार छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने उन स्थानों पर प्रहार किया जहाँ कच्ची शराब तैयार की जा रही थी। टीम ने करीब 3700 लीटर लाहण बरामद किया, नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही अवैध शराब बनाने के उपकरणों और भट्ठियों को भी ध्वस्त किया गया है। अब और बढ़ेगी सख्ती रियाजुद्दीन सिद्दिकी ने कहा कि उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के बाद अब कार्रवाई में और तेजी लाई जाएगी। इसके लिए जिले के सभी थानाधिकारियों, सर्किल इंस्पेक्टरों और आबकारी डीएसपी को पाबंद कर दिया गया है। विभाग का लक्ष्य जिले को अवैध शराब मुक्त बनाना और राजस्व के नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है।
