राजस्थान के सबसे बड़े रोप-वे प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी। जयपुर में आमेर-जयगढ़-नाहरगढ़ किलों को एक साथ दिखाने की योजना थी। 6.5 किलोमीटर के इस रोप-वे के टेंडर में गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। 80 करोड़ की जगह 350 करोड़ में टेंडर दिया गया। मामले में अगली सुनवाई 19 मई को होगी। जस्टिस समीर जैन ने रोपवे प्रोजेक्ट के लिए 2 फरवरी को दी गई सरकारी मंजूरी पर रोक लगाने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अभि गोयल और हार्दिक मिश्रा ने पैरवी करते हुए तर्क दिया कि फर्म 80 करोड़ में रोपवे बनाने को तैयार थी, लेकिन 350 करोड़ की लागत वाले को काम दिया गया। इस पूरे मामले में टेंडर देने के राजस्थान पारदर्शिता लोक उपापन अधिनियम (RTPP एक्ट) के नियमों का उल्लंघन किया गया। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के अनुरूप धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रोपवे बनाने की घोषणा की थी। इसमें आमेर किला, नाहरगढ़ किला और जयगढ़ किले को जोड़ने वाला रोपवे प्रोजेक्ट था। इसके लिए बजट में घोषणा करने के बाद बजट अलॉट किया गया था।
आरटीपीपी एक्ट के प्रावधानों का खुला उल्लंघन याचिकाकर्ता फर्म शिवम प्राइम इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि इस रोपवे प्रोजेक्ट के लिए टेंडर का कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया। तीन फर्मों ने टेंडर के लिए अप्लाई किया, जिसमें याचिकाकर्ता फर्म भी शामिल थी। इस रोपवे का काम देने में RTPP एक्ट के प्रावधानों को लागू नहीं किया गया, जबकि यह प्रोजेक्ट RTPP एक्ट-2012 की धारा 2(13) के तहत खरीद के दायरे में आता है। 80 करोड़ की जगह 350 करोड़ वाली फर्म को सौंपा काम 2 सितंबर 2025 की बैठक से साफ है कि याचिकाकर्ता फर्म लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत में रोपवे बना रही थी। इसमें वन भूमि और पेड़-पौधों को शून्य या न्यूनतम नुकसान पहुंच रहा था। वहीं इसमें दूसरी आवेदक फर्म जीआर इंफ्रा ने रोपवे बनाने के लिए 350 करोड़ रुपए की लागत बताई। इसमें वन क्षेत्र और पेड़ों को नुकसान होना शामिल था। इसके बावजूद दूसरी फर्म को 2 फरवरी 2026 को रोपवे का काम देने की शुरुआती मंजूरी दे दी गई। राजस्थान का सबसे लंबा रोपवे प्रोजेक्ट जयपुर में आमेर महल से जयगढ़ और नाहरगढ़ को जोड़ने वाला 6.5 किलोमीटर का रोपवे बनना है। यह राजस्थान का सबसे लंबा रोपवे होगा। साल 2024 में इस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई थी। प्रोजेक्ट पर विवाद के बाद कोर्ट में चुनौती दी गई।