राजस्थान में देश की आधुनिक और हाईटेक बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में आगजनी की घटना के बाद बाड़मेर सांसद ने सवाल खड़े किए हैं। उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा-मुख्य सचिव ने एचपीसीएल द्वारा जांच, LT द्वारा निर्माण कार्य और मरम्मत कार्य जारी होने की जानकारी दी है। जबकि निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया गया है। LT नाम लेना अज्ञानता है या फिर जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास है। सांसद ने कहा- IIT Jodhpur ने इस तकनीकी घटना की जांच में सहयोग की पेशकश की थी तो उसे क्यों अनुमति नहीं दी गई। जांच HPCL मैनेजमेंट द्वारा ही की जा रही है, तो राज्य सरकार की भूमिका क्या है। निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पूरे मामले में वास्तविक स्थिति को सामने लाने के बजाय बयानबाजी कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है। मुख्य सचिव ने मीडिया को ये बताया था मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जोधपुर में शनिवार शाम मीडिया से बातचीत में कहा था – रिफाइनरी आगजनी की घटना की जांच एचपीसीएल (HPCL) द्वारा की जा रही है। कंस्ट्रक्शन कार्य Larsen Toubro (LT) द्वारा किया गया था। रिपेयर वर्क भी LT ग्रुप के करीब 50 इंजीनियर और 450 कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को लेकर विवाद- LT बनाम टाटा प्रोजेक्ट्स का दावा सांसद ने मुख्य सचिव के बयान पर सवाल उठाते हुए दावा किया – सीडीयू-वीडीयू यूनिट का निर्माण Larsen Toubro (LT) द्वारा नहीं बल्कि Tata Projects Limited द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि LT का नाम निर्माण कार्य में लेना या तो गंभीर अज्ञानता है या फिर जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास है। सांसद के अनुसार LT केवल यूनिट की मरम्मत और सुधार कार्य में सहयोग कर रही है। देश के एक बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी में हुई आगजनी की घटना, सुरक्षा मानकों तथा प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रस्तावित दौरे में हुई गंभीर सुरक्षा चूक के साथ प्रोजेक्ट में सामने आ रहे कथित भ्रष्टाचार पर जवाबदेही तय करने व स्पष्टीकरण देने के बजाय प्रदेश… pic.twitter.com/IuMuKJMxzw— Ummeda Ram Beniwal (@UmmedaRamBaytu) May 3, 2026 सांसद ने X पर उठाए सवाल, जांच की निष्पक्षता पर चिंता बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं। यदि IIT Jodhpur ने इस गंभीर तकनीकी घटना की जांच में सहयोग की पेशकश की थी, तो सरकार ने उसे अनुमति क्यों नहीं दी? क्या निष्पक्ष और विशेषज्ञ जांच से बचने की कोशिश की जा रही है? सबसे गंभीर बात यह है कि जिस CDU-VDU यूनिट में आग लगी, उसके निर्माण को लेकर स्वयं मुख्य सचिव स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ दिखे या फिर भ्रामक बयान दिए। जिस यूनिट का निर्माण Tata Projects Limited द्वारा किया गया, उसमें Larsen Toubro का नाम लेना या तो गंभीर अज्ञानता दर्शाता है या फिर जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास है। जबकि LT यूनिट को ठीक करने और उसके दूरस्तीकरण में सहयोग कर रही है। जब मुख्य सचिव यह कह रहे हैं कि जांच Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) मैनेजमेंट द्वारा की जा रही है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि राज्य सरकार की भूमिका आखिर क्या है? यदि जांच उसी संस्था के भरोसे छोड़ दी जाए, जो स्वयं इस घटना में कहीं न कहीं जिम्मेदार हो सकती है, तो निष्पक्षता और पारदर्शिता की उम्मीद कैसे की जा सकती है? क्या सरकार इस गंभीर हादसे में वास्तविक जवाबदेही तय कर पाएगी, या फिर यह मामला भी लीपापोती का शिकार बन जाएगा? 1 दिसंबर 2025 को टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने किया था पोस्ट एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में टाटा प्रोजेक्ट्स की टीमों ने HRRL CDU VDU EPCC प्रोजेक्ट के पहले चरण का मैकेनिकल कंप्लीशन हासिल किया है। 9 MMTPA की क्षमता वाली यह रिफाइनरी यूनिट हमारे निष्पादन के पैमाने और जटिलता को दर्शाती है। यह उपलब्धि कमीशनिंग चरण में प्रवेश का संकेत है और महीनों के समन्वित प्रयास तथा इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रतिबिंबित करती है। टाटा प्रोजेक्ट्स में, ऐसी उपलब्धियां जटिल औद्योगिक प्रोसेस यूनिट्स को देश निर्माण की दिशा में डिलीवर करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। — रिफाइनरी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें … राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग:कई घंटे बाद काबू पाया गया; कल प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे, घटना के बाद कार्यक्रम स्थगित राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। पूरी खबर पढ़िए रिफाइनरी में आग, साइबर अटैक की आशंका:ऑटोमेटिक कंट्रोल यूनिट्स हाईजैक तो नहीं हुए; HPCL ने कहा- प्रेशर गेज पॉइंट से रिसाव के कारण हादसा हुआ देश की सबसे आधुनिक और हाईटेक बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी आग के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हैं। पूरी खबर पढ़िए
