अजमेर के पटेल मैदान में रावण दहन का आयोजन धूमधाम से किया गया। यहां 65 फीट के रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया गया। सबसे पहले मेघनाद और फिर कुंभकरण के पुतले जलाए गए, जिसके बाद रावण के पुतले का दहन हुआ। प्रत्येक पुतले को जलने में लगभग 5-5 मिनट का समय लगा। इस दौरान शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हालांकि, रामजी की सवारी जब पटेल स्टेडियम पहुंची, तो पुलिस द्वारा सवारी में शामिल कुछ लोगों को अंदर जाने से रोकने पर हंगामा हो गया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई, और लोगों ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। स्थिति को संभालने के लिए राम और लक्ष्मण को भीड़ से बचाते हुए कंधे पर उठाकर अंदर ले जाया गया। समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इससे पहले, मेयर ब्रजलता हाड़ा और डिप्टी मेयर नीरज जैन ने पुतलों की पूजा-अर्चना की। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत, विधायक अनिता भदेल, और देवनारायण बोर्ड के चेयरमैन ओमप्रकाश भडाणा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। श्रीराम भगवान की सवारी घसेटी से रवाना हुई, जो नला बाजार, दरगाह बाजार, धान मंडी, लक्ष्मी चौक, गणेश मंदिर, आगरा गेट, और जयपुर रोड से होते हुए पटेल मैदान पहुंची। श्रीराम परिवार सहित घोड़ी पर विराजमान रहे, और रास्ते भर दर्शनों के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। अजमेर में रावण दहन से जुड़ी PHOTOS…