चौमूं विधायक डॉ. शिखा मिल बराला ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक कुटिलता कर रही है। यह प्रेस वार्ता राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सर्किट हाउस में आयोजित की गई थी। डॉ. बराला ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने महिला आरक्षण को जानबूझकर परिसीमन से जोड़ने की कोशिश की, जो विफल रही। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भाजपा सरकार महिला आरक्षण लागू करने के प्रति ईमानदार है, तो इसे वर्तमान स्थिति में भी लागू किया जा सकता है, इसके लिए मनमाने परिसीमन की क्या आवश्यकता है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने याद दिलाया कि सर्वप्रथम महिला आरक्षण विधेयक 1996 में कांग्रेस के समर्थन से चल रही तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा सरकार के समय संसद में पेश किया गया था, हालांकि वह पारित नहीं हो सका और जेपीसी को भेज दिया गया था। इसके बाद, 2010 में यूपीए सरकार ने महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पारित करवाया था। डॉ. शिखा मिल बराला ने आगे बताया कि कांग्रेस सरकार ने ही 1992 में संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के माध्यम से नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता दी थी। इन संशोधनों के जरिए महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया, जिससे राजनीति की मुख्यधारा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई। 2023 में भाजपा ने ही लागू नहीं होने दिया महिला आरक्षण
डॉ शिखा मिल बराला ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) संसद में सर्वसंपत्ति से पारित हुआ था जिसमें कांग्रेस ने अधिनियम के लिए दबाव बनाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। कांग्रेस पार्टी ने संसद में इस आरक्षण को तत्काल लागू कर आगामी लोकसभा पर विधानसभा चुनाव 33 प्रतिशतमहिला आरक्षण के साथ करवाने की मांग की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इस आरक्षण को उस समय से लेकर आज तक लागू नहीं होने दिया और इसमें जनगणना करवाने और परिसीमन की शर्तों को साथ में जोड़ दिया।

महिला आरक्षण के लिए परिसीमन की आवश्यकता नहीं-मीणा
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि भाजपा जानबूझकर महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ रही है जबकि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन की कोई आवश्यकता नहीं है। पूर्व में भी पंचायतराज व नगर निकाय चुनाव में बिना परिसीमन के महिला आरक्षण लागू किया जा चुका है। कांग्रेसी अध्यक्ष मीणा ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के विषय मे अनर्गल दुष्प्रचार कर रही है।

इस अवसर पर निवर्तमान जिला प्रमुख व महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष चंद्रावतीकंवर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य चर्मेश शर्मा, ओबीसी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बृजमोहन यादव, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, पूर्व प्रधान मधु वर्मा, महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव संतोष भाकल, कीर्ति सुखवाल, ममता जैन, कांग्रेस नेता हनुमान भाकल, लोकेश सुखवाल भी उपस्थित रहे।