सिरोही जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले बजट के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी और डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 143 प्रकार की जांचों के लिए मिलने वाले बजट को केवल दो जांचों तक सीमित कर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए। इस मामले में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है। दो जांचों पर करोड़ों खर्च, बाकी सेवाएं ठप खत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक 143 प्रकार की जांचों के लिए बजट उपलब्ध होता है। लेकिन सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने इस बजट को केवल ग्लूकोमीटर और हीमोग्लोबिन जांच तक सीमित कर दिया। इन दो जांचों के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए, जबकि अन्य जरूरी जांचों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इसका असर यह हुआ कि मरीजों को जरूरी जांच सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और उन्हें इलाज के लिए अन्य राज्यों, खासकर गुजरात, का रुख करना पड़ रहा है। बजट मांग के बावजूद नहीं मिला फंड जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों ने कई बार 143 जांचों के लिए बजट की मांग की थी। 17 फरवरी 2025 और 24 मार्च 2026 को भेजे गए पत्रों में स्पष्ट रूप से सभी जांचों के लिए बजट की जरूरत बताई गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि सीएमएचओ ने इन संस्थानों को बजट उपलब्ध नहीं कराया और धनराशि को सीमित जांचों में खर्च कर दिया। एकल निविदा से ऊंची दरों पर खरीद का आरोप खत्री ने आरोप लगाया कि 3–4 आइटम की खरीद के लिए बार-बार एकल स्रोत निविदाएं जारी की गईं। इन निविदाओं के माध्यम से करीब 150 लाख रुपए का सामान बाजार दर से तीन गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया। बिना खुली निविदा प्रक्रिया अपनाए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जो वित्तीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है। हब एंड स्पोक मॉडल अब तक लागू नहीं खत्री ने यह भी सवाल उठाया कि 17 फरवरी को सीएमएचओ द्वारा 15 दिनों में हब एंड स्पोक मॉडल लागू करने और 151 उन्नत जांचें निशुल्क उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लेकिन आज तक जिले में यह मॉडल लागू नहीं हो पाया है, जिससे जनता को योजना का लाभ नहीं मिल रहा। जांच का आश्वासन पूरे मामले को लेकर रोहित खत्री ने जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। इस पर कलेक्टर ने कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।