फाजिल्का के अबोहर में दशहरा पर्व के दौरान रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को जलाने में दशहरा कमेटी को भारी मशक्कत करनी पड़ी। सरकारी सीसे स्कूल के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मेघनाद का पुतला पूरी तरह जल नहीं पाया, जबकि अन्य पुतलों को भी जलने में काफी समय लगा। सबसे पहले कुंभकरण के पुतले को आग लगाई गई, जो अधूरा ही जला। इसके बाद मेघनाद के पुतले को आग लगाई गई, लेकिन वह बिल्कुल नहीं जला। अंत में रावण का पुतला जलाया गया, जिसे पूरी तरह जलने में काफी समय लगा। पुतले बनाने वाले कारीगर पर होगी कार्रवाई दशहरा कमेटी ने पुतला न जलने और देरी से जलने के मामले को गंभीरता से लिया है। कमेटी ने बताया कि वे पुतले बनाने वाले कारीगर पवन कुमार से इस संबंध में पूछताछ करेंगे और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। अबोहर में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम कृष्णपाल राजपूत और डीएसपी सुखविंदर सिंह बराड़ थे। हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिला प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन उपकार सिंह जाखड़ और इंद्रजीत बजाज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त सोहन लाल छाबड़ा, विनीत चौपड़ा और विपिन नागपाल सहित कई अन्य सम्मानित अतिथि भी मौजूद थे। शोभा यात्रा निकाली गई इससे पहले, श्री सनातन धर्म राम प्रचार नाटक क्लब द्वारा एक शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान जी के साथ रावण, मेघनाद और कुंभकरण की झांकियां शामिल थीं। शोभा यात्रा के दशहरा ग्राउंड पहुंचने पर अतिथियों द्वारा उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्रीराम और रावण के बीच शब्दबाण भी चले। मुख्य अतिथियों ने स्वर्ण लंका और पुतलों को आग लगाई। दशहरा कमेटी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी। दशहरा कमेटी के प्रधान वीरेंद्र ग्रोवर, टिंपी चावला, करण नारंग और अंकुर गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए।
