राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष दीपक बारोटिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम यह ज्ञापन एडीएम उम्मेदी लाल मीणा को दिया गया। संघ ने प्रमुख रूप से ग्रीष्मावकाश को 30 जून 2026 तक ही रखने की मांग की। उनका तर्क है कि जून माह में अत्यधिक गर्मी के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, प्रमोशन नहीं लेने पर एसीपी लाभ रोकने के प्रावधान को अनुचित बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि यह कर्मचारियों के लिए दोहरा नुकसान है। जनगणना कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी पर भी आपत्ति जताई गई। संघ ने बाहरी जिलों में पदस्थापित शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त करने और ड्यूटी अन्य विभागों में भी समान रूप से लगाने की मांग की। साथ ही, स्थानांतरण नीति को पारदर्शी बनाने और लंबे समय से लंबित तबादले करने की अपील की गई, जिसमें महिला और विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को राहत देने पर जोर दिया गया। तृतीय श्रेणी शिक्षकों की लंबित डीपीसी और उपप्राचार्य पद से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण की भी मांग की गई। संघ ने आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने और नवगठित ग्राम पंचायतों के विद्यालयों को उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत करने की भी मांग रखी। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो 18 जून 2026 से बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन से जुड़े कई शिक्षक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
