सलूम्बर में आगामी आखातीज (अक्षय तृतीया) और पीपल पूर्णिमा पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए महिला अधिकारिता विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग के निर्देश पर सलूम्बर ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस अभियान के तहत, गांवों के स्कूलों में स्टूडेंट्स को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। स्टूडेंट्स को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ भी दिलाई जा रही है। कार्यक्रमों में बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों और इसके तहत निर्धारित दंडात्मक कार्रवाई के बारे में भी बताया जा रहा है। विभाग की साथिनों ने जानकारी दी कि आखातीज और पीपल पूर्णिमा जैसे अवसरों पर पारंपरिक रूप से बाल विवाह की घटनाओं में वृद्धि की आशंका रहती है। इसी कारण इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। साथिनों ने यह भी बताया कि टीचर्स और ग्रामीणों के सहयोग से इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों से अपील की गई है कि बाल विवाह की कोई भी सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। इससे समय रहते कार्रवाई कर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकेगा।
