नागौर में 4 किसान भाई अपने भांजे-भांजियों की शादी में 1.5 करोड़ का मायरा लेकर पहुंचे। अपनी इकलौती बहन के 4 बच्चों की शादी में तीनों मामाओं ने मिलकर ये मायरा भरा। इसमें 25 बीघा खेती की जमीन, 21 लाख 51 हजार रुपए कैश, सोने-चांदी की ज्वेलरी 15 लाख और 51 हजार कैश टीके में दिए हैं। रामी देवी पुत्री सुरजाराम सियाग के बच्चों के विवाह के अवसर पर उनके चार भाइयों गंगाराम, शिवलाल, खीयाराम और श्रवणराम ने मिलकर ये मायरा भरा है। चारों पेशे से किसान हैं। मायरा 13 अप्रैल को भरा गया था, इसके वीडियो आज सामने आए हैं। मायरा जायल के श्यामपुरा से छिला गांव गया। इसमें 21 लाख 51 हजार तो थाल में सिर पर रखकर पहुंचे थे। भाई गंगाराम ने बताया- हमारे 2 भांजों और 2 भांजियों की शादी एक साथ 13 अप्रैल को थी। इन चारों भाई बहनों की शादी जिनसे हुई है वह भी चारों भाई बहन है। 2 भांजियों की बारात साधुना गांव से आई और दोनों भांजों की बारात उसी घर में गई। गंगाराम ने बताया- रामी हमारी इकलौती बहन है और हमारा यह पहला और लास्ट मायरा था। ऐसे में बहन को संबल देने और परंपरा निभाने के लिए मायरा भरा। देखें मायरे की तस्वीरें… अब पढ़िए नागौर के चर्चित मायरे… 1. झाड़ेली का 21.11 करोड़ का मायरा नागौर जिले के झाड़ेली गांव में भरा गया यह मायरा अब तक का सबसे ऐतिहासिक माना जाता है। पोटलिया परिवार के तीन भाइयों (एडवोकेट, बैंक मैनेजर और ठेकेदार) ने अपने भांजे की शादी में 21 करोड़ 11 लाख रुपए का मायरा भरा था। इसमें करोड़ों के गहने, नकद और अचल संपत्ति शामिल थी। 2. बुरड़ी गांव का 3.21 करोड़ का मायरा मार्च 2023 में जायल तहसील के बुरड़ी गांव के तीन किसान भाइयों (मेहरिया परिवार) ने अपनी बहन के घर 3 करोड़ 21 लाख रुपए का मायरा भरा था। इसमें 81 लाख रुपए नकद, 16 बीघा जमीन (जिसकी कीमत 2 करोड़ से अधिक थी) और बड़ी मात्रा में सोना-चांदी शामिल था। 3. फरडौद (जायल) का 3 करोड़ का मायरा फरवरी 2025 में जायल के फरडौद निवासी मदनलाल के बच्चों की शादी में भाइयों ने 3 करोड़ रुपए का मायरा भरा था। इस आयोजन में भारी मात्रा में नकद राशि, प्लॉट के कागजात और किलो के भाव से चांदी के बर्तन व गहने भेंट किए गए थे। 4. जायल का 1.61 करोड़ का मायरा हाल ही में फरवरी 2026 में जायल कस्बे के दो भाइयों, ललित कुमार व्यास और ओमप्रकाश व्यास ने अपने भांजे की शादी में 1 करोड़ 61 लाख रुपए का मायरा भरा। इसमें 81 लाख रुपए नकद और 25 तोला सोना शामिल था। यह विशेष रूप से इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि ब्राह्मण समाज में भी अब इतने बड़े मायरे की परंपरा दिखने लगी है। 5. सेखासनी और ढींगसरा के ऐतिहासिक मायरे सेखासनी गांव: यहां फड़ौदा परिवार के भाइयों ने 13.71 करोड़ रुपये का विशाल मायरा भरा था। ढींगसरा गांव: यहां के मेहरिया परिवार ने अपनी बहन के लिए 8 करोड़ रुपये का मायरा भरकर सुर्खियां बटोरी थीं। मायरे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भरतपुर में 1.21 करोड़ रुपए का मायरा भरा:नर्सिंग ऑफिसर के 6 मामा कैश लेकर भात भरने पहुंचे; कोई सरपंच तो कोई सरकारी टीचर भांजे की शादी में मामा ने 1 करोड़ 21 लाख 101 रुपए कैश भात (मायरा) भरा। भांजा UP के सरकारी हॉस्पिटल में नर्सिंग ऑफिसर है। (पढ़ें पूरी खबर)
