बारां में जिला स्तरीय फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स की बैठक बुधवार को कार्यवाहक जिला कलेक्टर भंवरलाल जनागल की अध्यक्षता में की गई। बैठक में जिले में उर्वरक की मांग, आवंटन, आपूर्ति और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ाने पर चर्चा की गई। मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित इस बैठक में जनागल ने फर्टिलाइजर उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे मांग के अनुसार कार्य योजना बनाकर उर्वरक आपूर्ति का प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि उर्वरक वितरण योजना का अनुमोदन हुए बिना कहीं भी वितरण नहीं किया जाए। कार्यवाहक कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को उर्वरक कंपनियों और सहकारिता विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसानों को वैकल्पिक जैविक उर्वरकों के प्रति जागरूक करने और उनके उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के प्रभावी उपाय करने को कहा। उन्होंने पराली जलाने के नुकसानों से आगाह करते हुए जैविक उर्वरकों के फायदे बताने पर भी जोर दिया। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक आनन्दी लाल मीणा ने बताया कि वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कृषक गोष्ठियों और अन्य माध्यमों से किसानों को वैकल्पिक उर्वरक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मीणा ने मौजूदा एवं प्रस्तावित बुवाई क्षेत्र, उपलब्धता और उर्वरक की अनुमानित मांग के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर जनागल ने ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत कृषकों को जागरूक करने के लिए उपस्थित अधिकारी, कर्मचारियों, कंपनी और खाद-बीज विक्रेता प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। बैठक में कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ उर्वरक आपूर्ति कंपनी सीएफसीएल, आईपीएल, एचयूआरएल, इफको, एनएफएल के प्रतिनिधियों और स्थानीय खाद-बीज विक्रेताओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।