राजसमंद के बाघाना गांव में हाईवे-8 (भीम-राजसमंद) के सेंटर से 75 मीटर तक के निर्माण को अवैध मानकर 7 दिन में हटाने के नोटिस दिए गए हैं। इससे व्यापारियों में हड़कंप है। मंगलवार को राजसमंद कलेक्ट्रेट पहुंचकर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। नेशनल हाईवे से संबंधित नए नियम ने स्थानीय व्यापारियों की नींद उड़ा रखी है। जोधपुर हाईकोर्ट ने हाईवे से 75 मीटर तक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए हैं। ऐसे में हाईवे के सेंटर से 75 मीटर की जद में आ रही दुकानें, ढाबे-होटल और ढांचे हटाए जाएंगे। पहले यह नियम 40 मीटर का था। नया नियम के व्यापारी विरोध कर रहे हैं। 7 दिन का नोटिस दिया, कहां जाएं? बाघाना के व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- 75 मीटर का नियम अवैध है। नए नियम के मुताबिक हमारी दुकानों को अतिक्रमण बताया जा रहा है। जबकि हम अपनी निजी जमीन पर बैठे हैं। सरकार बोल रही है कि 75 मीटर तक जमीन खाली करो। 7 दिन का नोटिस दिया है। हम कहां जाएंगे। उन्होंने कहा- यह गलत आदेश है। अगर दुकानें हटा दी तो हमारी आजीविका का साधन खत्म हो जाएगा। दो वक्त की रोटी के लाले पड़ जाएंगे। हम यहां 5 साल से रह रहे हैं। परिवार दुकानदारी पर ही डिपैंड है। दुकान में लगाई जिंदगी भर की कमाई व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- हमारी सरकार से मांग है कि हमें यहीं रखा जाए। हमने पहले ही हाईवे के सेंटर से 132 फीट जगह छोड़कर दुकान बनाई है। दुकान टूट जाएगी तो हमें रहने के लिए कहीं जगह नहीं मिलेगी। आर्थिक नुकसान तो हद से ज्यादा होगा। हमारी जिंदगी भर की कमाई दुकान में लगी है। ये टूट गई तो कुछ नहीं बचेगा। अवैध था तो SDM तहसीलदार ने NOC क्यों दिया? बागाना पंचायत समिति के प्रशासक विष्णु मेवाड़ा ने बताया- हम राजसमंद कलेक्ट्रेट में उच्च न्यायालय जोधपुकर के उस आदेश के खिलाफ जुटे हैं जिसमें हाईवे के सेंटर से 75 मीटर तक के निर्माण को अतिक्रमण माना गया है। हमारी दुकानें वैध हैं, अवैध नहीं। उन्होंने कहा- एक तरफ तो SDM-तहसीलदार एनओसी (नॉन ऑब्जेक्शनल सर्टिफिकेट) देकर निर्माण की अनुमति देते हैं, दूसरी तरफ सरकार ऐसे निर्माण को अवैध कह देती है। हाईवे के किनारे सरकारी बिल्डिंगें भी हैं, क्या उन्हें भी हटाया जाएगा? आज व्यापारियों पर गाज, कल रहवासियों पर गिरेगी प्रशासक विष्णु मेवाड़ा ने कहा- सरकार से निवेदन है कि हमें न्याय दे। हम अपनी बात सरकार तक पहुंचाने आए हैं। हमारी सबकी जमीन भूमि कर्वजन, खातेदारी और आबादी लैंड की है। आज व्यापारी परेशान हैं। कल यह गाज ग्रामवासियों पर गिर सकती है। हमारी पंचायत के हजारों लोग इस आदेश से प्रभावित हो रही हैं। पहाड़ी एरिया होने के कारण हमारे पास जमीन भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हमारी मांग यही है कि या तो हमें उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सरकार हमें अन्यत्र स्थानांतरित करने के बाद निर्माण हटाए। जिले में हाईवे के पास रहने वाले लोग प्रभावित नए नियम का असर उदयपुर-ब्यावर हाईवे के आसपास रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार और न्यायालय के समक्ष उनकी स्थिति को रखे और दूरी दोबारा 40 मीटर करे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर अरूण कुमार हसीजा को ज्ञापन सौंपते हुए नियम में संशोधन की मांग की है।