पंजाब के फूड एवं सिविल सप्लाई मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने स्मार्ट राशन कार्ड योजना का पठानकोट से आगाज किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 39 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त राशन का लाभ मिलेगा। कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क ने अपने विधानसभा क्षेत्र से इस योजना की शुरुआत करते हुए लोगों को स्मार्ट राशन कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह कदम मुख्यमंत्री द्वारा 39 लाख परिवारों को मुफ्त राशन देने की घोषणा के बाद उठाया गया है। लोगों से किए वायदों को पूरा कर रही सरकार
फूड एवं सिविल सप्लाई मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने यह भी कहा कि राज्य सरकार लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा कर रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से मान सरकार लगातार दावा कर रही है कि चुनावों के दौरान किए गए सभी वादे पूरे किए गए हैं, और जो वादे नहीं भी किए गए थे, उन्हें भी लागू किया जा रहा है। दाल, चावल और तेल भी मिलेगा
मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को 2 किलो चीनी, 2 किलो दाल, 1 लीटर सरसों का तेल और एक हल्दी का पैकेट दिया जाएगा। यह योजना अप्रैल महीने से लागू हो जाएगी और इसके लिए लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।
1.5 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
मंत्री ने बताया कि इस पहल से लगभग 39 लाख राशन कार्ड से जुड़े करीब 1.5 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्यभर में हजारों पात्र परिवार E-KYC और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के दौरान लगातार समस्याओं का सामना कर रहे थे। खासकर अंगूठे के निशान का मेल न होना, बुजुर्गों के घिसे हुए फिंगरप्रिंट और EPOS मशीनों में तकनीकी खराबियां बड़ी वजह रही हैं।
नए स्मार्ट कार्ड से मिलेगी लाभार्थियों को वैध पहचान
मंत्री ने बताया कि नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को राशन के हक से वंचित न होना पड़े।
डिपो होल्डरों के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेगे स्मार्ट कार्ड
मंत्री ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे।
इससे खासकर उन मामलों में राहत मिलेगी, जहां अंगूठे के निशान के मेल न खाने से गेहूं वितरण में दिक्कत आ रही थी। यह वितरण पंजाब के राशन डिपो नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन और डिपो धारक अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे।
e-KYC से मिलेगी राहत
स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी। जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। इस पहल से खासकर बुजुर्गों, मजदूरों और उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बार-बार e-KYC में फेल हो रहे थे या बायोमेट्रिक गड़बड़ी के कारण उनका राशन अटक जाता था।
पात्र लाभार्थियों को मुफ्त मिलता है राशन
यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट गरीब परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।