जालंधर बस स्टैंड पर उस समय भारी हंगामा हो गया जब ग्राहकों को एक्सपायरी डेट की लिम्का बेचे जाने का मामला सामने आया। दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर रोहित बजाज द्वारा जानबूझकर पुराने और एक्सपायर हो चुके स्टॉक की सप्लाई की जा रही है। जांच के दौरान 10 से 12 दुकानों के स्टॉक में एक्सपायरी बोतलें पाई गईं, जिन पर कीमतों के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा, दुकानदारों ने डिस्ट्रीब्यूटर पर बिना बिल के सामान देने और विरोध करने पर सप्लाई रोकने की धमकी देने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर दुकानदार अब सेहत विभाग का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। दुकानदारों का मुख्य आरोप डिस्ट्रीब्यूटर रोहित बजाज पर है, जिनका कार्यालय नंगल शामा के पास स्थित है। दुकानदार तेजिंदर ने बताया कि उन्होंने रोजाना की तरह 28 पेटी कोल्ड ड्रिंक का ऑर्डर दिया था। जब स्टॉक चेक किया गया तो पता चला कि फरवरी माह में एक्सपायर हो चुकी बोतलें सप्लाई की गई थीं। हैरानी की बात यह है कि इन बोतलों पर प्रिंट रेट के साथ भी हेराफेरी की गई थी; जहाँ नई बोतल की कीमत 25 रुपये है, वहीं इन बोतलों पर 30 रुपये अंकित था।
डिस्ट्रीब्यूटर रोहित दुकानदारों को देता है धमकी दुकानदार रमन और राजू कोल्ड ड्रिंक ने बताया कि उन्होंने कई बार डिस्ट्रीब्यूटर, एएसएम पुरुषोत्तम, विकास और जीएम से स्टॉक का पक्का बिल देने की मांग की है, लेकिन उन्हें हमेशा टाल दिया जाता है। आरोप है कि जब भी कोई दुकानदार बिल की मांग करता है या गलत स्टॉक का विरोध करता है, तो डिस्ट्रीब्यूटर रोहित उन्हें धमकी देता है कि वह किसी अन्य डिस्ट्रीब्यूटर से उन्हें माल नहीं मिलने देगा। सेल्समैन ईशान ने एक्सपायरी स्टॉक लेने से किया मना मामले की गंभीरता को देखते हुए जब कंपनी के सेल्समैन ईशान को मौके पर बुलाया गया, तो उसने खुद बंद पेटियों को खोलकर जांच की। सेल्समैन के सामने ही सीलबंद पेटियों से एक्सपायरी बोतलें निकलीं, जिसका वीडियो भी दुकानदारों ने साक्ष्य के तौर पर बनाया है। सेल्समैन ने गलती तो मानी, लेकिन एक्सपायरी स्टॉक को वापस लेने से इनकार कर दिया। बस स्टैंड के दुकानदारों में इस धोखाधड़ी को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक पिलाकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दुकानदारों ने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत सेहत विभाग को देंगे ताकि इस सिंडिकेट और डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
