कृषि मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने रविवार को श्रीगंगानगर जिले के रावला और घड़साना मंडियों में नकली बीज और खाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान बीज कंपनियों के रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद उनकी बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई। मंत्री किरोड़ी दोपहर घड़साना कृषि उपज मंडी पहुंचे। जहां रीको स्थित दीपक सीड्स पर भी छापा मारा गया। निरीक्षण के दौरान कंपनी के पास किसी भी तरह का रिकॉर्ड नहीं मिला। इस पर कृषि मंत्री ने दीपक सीड्स के संचालक को बीज की बिक्री तुरंत रोकने के निर्देश दिए। रावला मंडी के गांव 19 केएनडी और 11 डीओएल में स्टार एग्री सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के रिकॉर्ड में ग्वार की बुवाई दर्ज थी, जबकि मौके पर नरमा और मूंग की फसल मिली। खेत के किसान गुरतेज सिंह ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनका खेत बीज प्रोडक्शन में शामिल है। इस पर मंत्री किरोड़ी ने इसे किसानों के साथ सीधा धोखा बताते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। कृषि मंत्री ने बीज कंपनियों की पोल खोली, बिक्री पर लगाई रोक
मंत्री में बताया-निरीक्षण में यह भी पाया गया कि स्टार एग्री के गेहूं बीज पैकिंग बैग पर तमिलनाडु का पता दर्ज था, जबकि असल में उत्पादन और पैकेजिंग संगरिया में हो रही थी। सरसों के बीजों पर खतरनाक केमिकल के उपयोग की पुष्टि भी हुई। कंपनी प्रबंधन संतोषजनक जवाब देने में विफल रहा। नतीजतन, सरकार ने 10 हजार क्विंटल सरसों और 34 हजार क्विंटल गेहूं बीज की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी। कृषि मंत्री ने कहा-किसानों के साथ धोखाधड़ी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीज कंपनियों की ऐसी करतूतें कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। बीज कम्पनी की बिक्री पर लगाई रोक
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने घड़साना में स्थित दीपक सीड्स पर भी छापामारी की। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि आज निरीक्षण के दौरान मौके पर रिसर्च डेवलपमेंट का फॉर्म, वैज्ञानिक विजिट का रिकॉर्ड और जिन किसानों से बीज उत्पादित करवाया गया है उन किसानों का भी रिकॉर्ड नही मिला है। उन्होंने बताया कि मौके पर किसी तरह का रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण कंपनी की बिक्री पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि इस कम्पनी के द्वारा सर्टिफाइड और टीएलसी 2 प्रकार के बीज उत्पादित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि दोनों का काम एक जगह नहीं चल सकता इसलिए यह नियम विरुद्ध है। कंपनी के पास आरएनजी स्ट्रक्चर भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कंपनी के पास इस तरह का कोई भी फॉर्म उपलब्ध नहीं हुआ कि कंपनी के द्वारा किस किसान को बीज उत्पादित के लिए प्रोग्राम दिया गया था। मंत्री ने बताया कि इस कारण से कंपनी की सेल पर रोक लगा दी गई है और सभी बीजो का सैंपल लिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि प्राथमिक दृष्टि में यह साबित होता है कि इस कंपनी के द्वारा बाजार से अनाज खरीद लिया जाता है। बीज को चमकाकर और चमकीली थैलियों में उस अनाज को भरकर किसानों को अधिक दामो पर उस अनाज को बीज के रूप में बेच दिया जाता है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर ऐसी कंपनियां किसानों के साथ लूट मचाएगी तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रावला दौरे के दौरान किसानों ने कृषि मंत्री को बताया कि 2 साल पहले सरकार के द्वारा सरसों की फसल की सरकारी खरीद की गई थी। मगर कुछ लोगों ने अधिकारियों के साथ मिलीभक्त कर सरसों की सरकारी खरीद में धांधली बाजी की थी, जिस कारण से किसानों का भुगतान रुक गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुछ व्यापारियों के खिलाफ रावला पुलिस थाने में मामला भी दर्ज करवाया गया था। किसानों ने मंत्री से मांग की है कि किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र करवाया जाए। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने उन्हें आश्वस्त किया है कि शीघ्र उनका भुगतान करवाया जाएगा। किसानों ने सहायक निदेशक पर लगाये गम्भीर आरोप
मौके पर किसान राजू जाट और सत्य प्रकाश सियाग सहित अन्य किसानों ने अनूपगढ़ कृषि विभाग के सहायक निदेशक जसवंत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों ने आरोप लगाए हैं कि सहायक निदेशक ने अपने भाई के नाम पर बायो लेक एग्री साइंस और स्टीव एग्री केअर नाम की दो फर्म बना रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक निदेशक के द्वारा दुकानदारों पर दबाव बनवा कर इन दोनों फर्मो का माल बिकवाया जा रहा है। किसानों ने मंत्री से मांग की है कि इन दोनों फ़र्मो की पिछले 2 सालों की बिक्री का रिकॉर्ड खंगाला जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर किरोड़ी लाल मीणा ने तुरंत प्रभाव से कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। सहायक निर्देशक कृषि विभाग जसवंत सिंह ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच करवा सकती है अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई कर सकती है । घग्घर नदी से प्रभावित किसानों ने बताई समस्या
घड़साना में निरीक्षण के दौरान अनूपगढ़ क्षेत्र के नदी से प्रभावित किसान मंत्री से मिले। किसान कश्मीर सिंह कंबोज ने मंत्री को अवगत करवाया कि घग्घर नदी के पानी के कारण किसानों के हजारों एकड़ में खड़ी नरमें और धान की फसल डूब गई है जिससे किसानों को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया है कि सरकार के द्वारा खराब हुई फसल का सर्वे करवाया जा रहा है। किसानों को शीघ्र ही राहत राशि दी जाएगी।
