उदयपुर की सुखाड़िया यूनिवर्सिटी एक बार प्रशासन की लापरवाही के चलते विवादों में है। कुलपति सचिवालय कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को हंगामा किया। स्टूडेंट्स ने बताया कि 18 मार्च को हुए लॉ थर्ड ईयर के पेपर का प्रिंट घटिया था जिससे सवाल तक समझ नहीं आए। ऐसे में अब इसकी जवाबदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में इतना आक्रोश था कि वे नारेबाजी करते हुए सीधे कुलपति कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने कार्यवाहक कुलपति बीपी सारस्वत को घेर लिया और अपनी समस्याओं का पुलिंदा उनके सामने रख दिया। यूनिवर्सिटी इकाई सचिव त्रिभुवन सिंह राठौड़ ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस पूरे मामले की हाई लेवल जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसकी लापरवाही से इतना रद्दी स्तर का पेपर छात्रों को बांटा गया? एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पेपर सेट करने और छपाई की जिम्मेदारी संभालने वाले दोषियों पर तुरंत सख्त एक्शन लिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो। एबीवीपी की महानगर मंत्री कोमल वैष्णव ने बताया कि गुरुवार को हुए लॉ तृतीय वर्ष की पहली परीक्षा का प्रश्नपत्र देखकर छात्र हैरान रह गए। पेपर में छपाई की क्वालिटी इतनी ज्यादा खराब थी कि कई जगह अक्षर पूरी तरह मिटे हुए या अस्पष्ट थे। इसके अलावा सवालों की लिखावट और उनकी प्रस्तुति भी इतनी उलझी हुई थी कि छात्रों को पेपर हल करने के बजाय उसे समझने में ही घंटों लग गए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुखाड़िया यूनिवर्सिटी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है। यहां दूर-दराज के गांवों और ढाणियों से छात्र बड़ी उम्मीद लेकर पढ़ने आते हैं, लेकिन प्रशासन की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकत उनके भविष्य को अंधकार में डाल रही है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। छात्र नेताओं ने कहा कि अगर जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ और दोषियों पर गाज नहीं गिरी, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में युवराज सिंह कमेरी, प्रवीण टाक, गौतम बंधु, कृष्णा जाखड़, हर्ष राजपुरोहित, विकास चौधरी, चिराग दायमा, चिराग दरवर, वीरेंद्र मेघवाल, पीयूष सिंह झाला, कुलदीप सिंह, चिराग तिवारी, भानु प्रताप, यश शाहू, करण रैगर, हेमन्द्र सिंह, मोहित सिंह और धीरज डांगी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।